✍🏻✍🏻संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

कुसमी,,कुसमी में मनाया गया धूम धाम से जश्न ए ईद मिलादुन्नबी।
कुसमी। जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को कुसमी नगर में मुस्लिम समुदाय द्वारा श्रद्धा, उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें मुस्लिम समाज के साथ विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी सहभागिता की। जुलूस के दौरान नगर का माहौल उत्साह और सद्भाव से सराबोर रहा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत करते हुए मिठाई, गुलाब का फूल और शरबत और नाश्ते का वितरण किया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचकर सभी मरीजों की हाल चाल जानी और सबको फल नाश्ता वितरण भी किया गया


जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर गुलशने रजा अंजुमन कमेटी बाजार पारा एवं सुन्नी जामा मस्जिद थान पारा की ओर से अपने-अपने स्थलों से जुलूस निकाला गया। दोनों जुलूस काका लरंग साय चौक के समीप एकत्र हुए, जहां से सैकड़ों की संख्या में लोग सामूहिक रूप से जुलूस में शामिल हुए। जुलूस बस स्टैंड मेन रोड से होते हुए दुर्गा चौक, दर्रीपारा होते हुए मुहर्रम चौक पहुंचा।
मुहर्रम चौक पर मनाई गई जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर फातिहा पढ़ी गई तथा उपस्थित लोगों के बीच सिरनी (प्रसाद) का वितरण किया गया। इसके बाद जुलूस आगे बढ़ा। रास्ते में समाज के लोगों द्वारा जगह-जगह स्वागत किया गया और जुलूस में शामिल लोगों के लिए मिठाई, शरबत एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई। इसके बाद जुलूस बस स्टैंड स्थित जिला सहकारी बैंक के समीप पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। आयोजित सभा में पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष जन्मजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि बाजार पारा कमेटी के सदर मकबूल अंसारी विशिष्ट अतिथि के रूप में रहे।
ईद मिलादुन्नबी प्रेम और भाईचारे का पर्व : जन्मजय सिंह सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जन्मजय सिंह ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी खुशी, प्रेम और आपसी भाईचारे का पर्व है। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म लगभग 570-571 ईस्वी में मक्का मुकर्रमा में हुआ था। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि सभी अपने जीवन में सच्चाई, ईमानदारी, प्रेम, भाईचारे और इंसानियत को अपनाने का संकल्प लें तथा समाज में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
विशिष्ट अतिथि मकबूल अंसारी ने भी जश्ने ईद मिलादुन्नबी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्व को खुशी, प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला बताया। वहीं सुन्नी जामा मस्जिद के सदर यूसुफ अंसारी ने कहा कि यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद शमीम ने मंच के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित सभी वर्गों के लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आपसी भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया।
पत्रकारों की ओर से अम्बिकेश गुप्ता ने दिया इंसानियत का संदेश..
सभा में आमंत्रित पत्रकारों की ओर से छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के बलरामपुर जिला कोषाध्यक्ष एवं प्रेस क्लब कुसमी के सचिव अम्बिकेश गुप्ता ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी त्योहार या धार्मिक आयोजन की वास्तविक खूबसूरती तभी है, जब उससे समाज में प्रेम, सौहार्द और इंसानियत का संदेश जाए। उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी हमें प्रेरणा देती है कि हम अपने पड़ोसियों का सम्मान करें, जरूरतमंदों की मदद करें, बुजुर्गों की सेवा करें और बच्चों को अच्छे संस्कार दें। साथ ही समाज में अलग-अलग धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर रहें, यही सामाजिक सद्भाव की सबसे बड़ी पहचान है।
प्रेस क्लब उपाध्यक्ष यूसुफ खान ने सभा के अंत में पहुचे सभी जनों का स्वागत कर कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा करते हुए आभार व्यक्त किया।
कुसमी रजा यूनिट फाउंडेशन के तत्वावधान में नि:शुल्क रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया।

इस दौरानअलग अलग समुदाय के कुल 25 युवाओं ने रक्तदान किया। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर रक्त दान कर भाईचारा और एकता की मिसाल पेश की रक्तदान करने वाले सभी युवाओं को रजा यूनिट फाउंडेशन की ओर से प्रमाण पत्र और हेलमेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए युवाओं को सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित किया। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित जुलूस, सभा एवं रक्तदान कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एमड़ी आजाद, जरीफ अंसारी, जहरुल अंसारी, नसरुल्लाह खान, प्रेस क्लब कुसमी अध्यक्ष मों निजाम, सहसचिव विशाल गुप्ता, कोषाध्यक्ष फिरदोस आलम, प्रेस क्लब सह कोषाध्यक्ष सद्दाम खान, कार्यालय प्रभारी जसीम खान, कार्यकारिणी सदस्य सद्दाब अंसारी, पूर्णिमा सेमरिया, मों. असफाक, राजन खान, इम्तियाज अंसारी, महफूज अंसारी, बारीक़ अंसारी, राजू सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं विभिन्न वर्गों के नागरिक मौजूद रहे।
