✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

आशीर्वाद का दीया: विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 06 लाख 46 दीयों से जगमगाया बलरामपुर-रामानुजगंज

आशीर्वाद का दीया: 476 ग्राम पंचायतों से नगरों तक एक साथ जगमगाया

बलरामपुर-रामानुजगंज, हाई स्कूल मैदान में जले 1 लाख 30 हजार दीप

2 हजार विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला से रची “आशीर्वाद का दीया” की आकृति

हर आंगन में आस्था, हर दीप में संकल्प: ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से एकता के सूत्र में बंधा जिला
विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम बोले, विकसित भारत का संकल्प अब जन-जन का संकल्प

बलरामपुर, 17 सितंबर 2026/सेवा संकल्प अभियान के तहत आज संध्या आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला आस्था, एकता और सेवा के प्रकाश से आलोकित हो उठा। संयुक्त जिला कार्यालय से लेकर नगरों और सुदूर गांवों तक हर ओर दीपमालाएं सजीं। जिला स्तरीय मुख्य आयोजन स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में हुआ। यहां लगभग 2 हजार विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर ‘आशीर्वाद का दीया’ की भव्य आकृति रची। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इसी आकृति के दीप को प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में 1 लाख 30 हजार दीये एक साथ जगमगा उठे और पूरा मैदान रोशनी के सागर में बदल गया।
मंत्री श्री नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का दिन दोहरा सौभाग्य लेकर आया है। एक ओर सृष्टि के वास्तुकार और शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, तो दूसरी ओर राष्ट्र सेवा को जीवन का ध्येय बनाने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान विश्वकर्मा ने सृजन से संसार को आकार दिया, उसी प्रकार प्रधानमंत्री सेवा और समर्पण से नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि आशीर्वाद के इन दीयों ने पूरे जिले को एकता के सूत्र में बांध दिया है। हर आंगन में जला दीया इस बात का प्रमाण है कि विकसित भारत 2047 का संकल्प अब केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का संकल्प बन चुका है। उन्होंने जिलेवासियों को आयोजन की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कामना की कि इन दीपों का प्रकाश हर घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाए।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जिले के हर कोने में जले ये दीप साक्षी हैं कि बलरामपुर-रामानुजगंज विकास की राह पर एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के क्षेत्र में जिला निरंतर प्रगति कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि घर के आंगन में श्रद्धा से जला एक दीया भी इस अभियान में उतना ही मूल्यवान है, क्योंकि सहभागिता का मूल्य दीयों की संख्या से नहीं, सेवा भावना से आंका जाता है। कलेक्टर ने आयोजन को जनउत्सव बनाने के लिए बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और सभी जिलेवासियों का आत्मीय आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थितजनों ने स्वच्छता ही सेवा और विकसित भारत 2047 का संकल्प भी लिया।
जिले में कुल 6 लाख 46 हजार 418 दीयों के प्रज्वलन की व्यापक तैयारी की गई थी, जिसमें विभागीय और निकाय स्तर के 5 लाख 16 हजार 418 दीये शामिल थे। कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, जनपद, अनुभाग और तहसील कार्यालयों से लेकर नगरीय निकायों तक दीप सजाए गए। बलरामपुर, राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, रामचंद्रपुर और वाड्रफनगर में लोगों ने अपने घर-आंगन में स्वेच्छा से दीये जलाए। नगरीय निकायों के साथ जिले की 476 ग्राम पंचायतें भी इस आयोजन का हिस्सा बनीं। शालाओं, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थाओं, अमृत सरोवरों और पुरातात्विक स्थलों पर जगमगाती रोशनी ने वनांचल से नगर तक एकजुटता का संदेश दिया।
इस आयोजन की सबसे सुंदर तस्वीर इसकी जनभागीदारी में दिखी। बुजुर्गों के हाथों जले दीपों में आशीर्वाद का भाव झलका, तो मानव श्रृंखला में शामिल विद्यार्थियों की उमंग ने उत्सव को नई ऊर्जा दी। गृहिणियों, युवाओं, शिक्षकों, प्रबुद्धजनों और स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर इस संध्या को पारिवारिक उत्सव का रूप दिया। सभी धर्मों और वर्गों के लोगों ने निस्वार्थ भाव से भाग लेकर सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल पेश की।
कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
