✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

चक्रवाती बारिश से पहले किसान रहें सजग,चक्रवात के असर से 28-29 अक्टूबर को भारी वर्षा की आशंका, कृषि विश्वविद्यालय ने जारी किया परामर्श
मौसम की चेतावनी के बीच कलेक्टर का संदेश: फसल, सब्जी और पशुधन की सुरक्षा के लिए अपनाएँ कृषि सलाह
बलरामपुर, 26 अक्टूबर 2026/ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए कृषि परामर्श जारी किया है। इसके अनुसार दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान आ रहा है, जिसकी गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को बलरामपुर-रामानुजगंज सहित प्रदेश के अन्य जिलों में वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी (64 से 115 मि.मी.) से बहुत भारी (115 से 204 मि.मी.) वर्षा की संभावना जताई गई है।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कृषक बंधुओं से अपील की है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी मेहनत की उपज को सुरक्षित रखें। जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, वे कटी फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था तुरंत करें और फसलों की लगातार निगरानी रखें। कीट या बीमारी के लक्षण दिखने पर मौसम साफ होने के बाद ही दवा का छिड़काव करें। उतेरा फसल के रूप में तिवरा या अलसी की बुवाई कुछ दिन टाल दें, जबकि रबी फसलों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करें।
सब्जी उत्पादक किसानों को तेज हवा की आशंका को देखते हुए करेला, लौकी जैसी लता वाली सब्जियों में स्टेकिंग की व्यवस्था करने और फूल-फल वाले केले के पौधों को बांस का सहारा देंने की बात कही गई है। ओलावृष्टि से बचाव के लिए उपलब्धता के आधार पर बागवानी और सब्जी फसलों में ओलावृष्टिरोधी जाली का उपयोग करें।
पशुपालकों से अपील की गई है कि पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें तथा उनके लिए पर्याप्त चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें। वज्रपात की आशंका को देखते हुए पशुओं को चराते समय पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। कलेक्टर ने कहा कि समय पर बरती गई सावधानी से फसल और पशुधन दोनों को नुकसान से बचाया जा सकता है, इसलिए किसान कृषि विभाग की सलाह का पालन करें और मौसम संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करें।

