कुसमी,,छूराकोना खबर का असर,खबर प्रकाशित के बाद कलेक्टर ने किया संज्ञान में ठेकेदार को लगाई फटकार।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798


धनेशपुर/कुसमी

खबर का असर: कलेक्टर के फटकार से जगा ठेकदार व विभाग धनेशपुर–छुरा कोना सड़क निर्माण में आई तेजी, दोबारा काम में जुटा ठेकेदार।


झाड़ू लगाकर उखड़ती सड़क की खबर के बाद हरकत में आया ठेकेदार, विभाग के तकनीकी जांच के साथ फिर शुरू हुआ निर्माण कार्य


विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम धनेशपुर–छुराकोना में जनमन योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद प्रकाशित खबर का अब साफ असर देखने को मिला है। सड़क निर्माण में अनियमितता को उजागर करती खबर सामने आने के बाद ठेकेदार और संबंधित विभाग हरकत में आ गया है।दुबारा से कार्य हुई जारी
पूर्व में प्रकाशित खबर में सड़क की हालत बेहद खराब दिखाई गई थी, जहां निर्माणाधीन सड़क झाड़ू लगाते ही उखड़ती नजर आ रही थी और कार्य अधूरा पड़ा हुआ था। खबर में एक आदिवासी महिला किलो नगेशिया द्वारा झाड़ू लगाते हुए सड़क की परत उखड़ने का दृश्य भी सामने आया था, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
इस मामले में माननीय बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटरा से भी प्रतिक्रिया ली गई थी। कलेक्टर ने वीडियो उपलब्ध कराने को कहा था और जांच का आश्वासन दिया था।

खबर प्रकाशित होने के कुछ दिन बाद ही संबन्धित विभाग व ठेकेदार, सुपरवाइजर लोग दोबारा मौके पर पहुंचे और सड़क निर्माण कार्य को फिर से शुरू किया गया।

स्थल पर अब सड़क की दोबारा मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जा रहा है। वहीं निर्माण कार्य की तकनीकी जांच के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने सड़क की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। पूरे घटनाक्रम से जुड़े फोटो एवं वीडियो भी उपलब्ध हैं, जो यह दर्शाते हैं कि खबर सामने आने के बाद ही निर्माण कार्य में तेजी आई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की अनियमितताओं को उजागर नहीं किया जाता, तो करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़क कुछ ही समय में खराब हो जाती। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
बहरहाल, इस पूरे मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद ही विभाग और ठेकेदार हरकत में आए, जिससे एक बार फिर यह साबित हुआ कि जनहित में उठाई गई आवाज और खबरें असर दिखाती हैं।

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