
बलरामपुर स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहे है और भ्रष्टाचार को सलाम नगरा धनपुरी के जिम्मेदार बाजार में अवैध वसूली का बोलबाला..

बलरामपुर एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है वहीं दूसरी ओर बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत नगरा (धनपुरी) में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलटा है।

ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि यहाँ के साप्ताहिक बाजार में सुविधाओं के नाम पर सिर्फ गंदगी पसरी है जबकि गरीब किसानों और छोटे व्यापारियों की जेब पर सरेआम डाका डाला जा रहा है पंचायत के दलाल के द्वारा सरे आम लूट न रसीद, न नियम बस अवैध वसूली ग्राम पंचायत नगरा के आश्रित ग्राम धनपुरी में हर बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। दूर-दराज से ग्रामीण और छोटे किसान इस उम्मीद में अपनी साग-सब्जी लेकर आते हैं कि दो पैसे की कमाई होगी। लेकिन बाजार सजते ही पंचायत के सचिव और सरपंच की दलाल अवैध वसूली के लिए धमक पड़ते हैं।

वसूली का कोई फिक्स रेट नहीं है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सचिव और सरपंच के शह पर दलाल मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। अधिकारियों की चुप्पी हैरानी की बात यह है कि यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
सुविधा शून्य पानी की टंकी शोपीस बगल में हो रही सिंचाई बाजार में आने वाले व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा हैं।
सूखी पड़ी टंकी पीएचई (PHE) विभाग द्वारा लाखों की लागत से पानी की टंकी तो बनाई गई है, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हुई।

नियमों की धज्जियां एक तरफ जनता लहलहाती धूप में प्यासी है, वहीं दूसरी ओर पानी की टंकी के मोटर और पाइप का उपयोग निजी खेतों की सिंचाई के लिए किया जा रहा है गंदगी का अंबार साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
लोग रैली निकलकर किया विरोध

पूरे बाजार परिसर में कचरे का ढेर लगा रहता है।
अब सबके निगाहें टिकी हुई है क्या होगी कार्रवाई या फाइल होगी ठंडे बस्ते’ के हवाले ग्रामीणों में इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिले के उच्च अधिकारी नगरा सरपंच और सचिव पर क्या एक्शन लेते हैं।
