
गाय को राष्ट्रीय एवं छत्तीसगढ़ में राजकीय पशु घोषित करने की मांग, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम अनुविभागीय अधिकारी कुसमी को सौंपा गया ज्ञापन।

✍🏻संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर
बलरामपुर-रामानुजगंज। रजा यूनिटी फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ सहित समाज के विभिन्न वर्गों के जागरूक नागरिकों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने तथा छत्तीसगढ़ राज्य में गाय को राजकीय पशु का दर्जा देने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया है।

यह ज्ञापन राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम संबोधित किया गया, जिसे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कुसमी के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि गाय भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार रही है। इसे समाज में श्रद्धा, सेवा, करुणा और सह-अस्तित्व का प्रतीक माना जाता है, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएँ जुड़ी हुई हैं।
ज्ञापनकर्ताओं ने आवारा गौवंश की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमते पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे मानव और पशु दोनों के जीवन व संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।
इसके साथ ही गौवंश के अवैध परिवहन, तस्करी एवं अवैध वध की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने की मांग भी की गई है। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो कि नारा भी लगाया।

ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गौसंरक्षण के नाम पर किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध बिना पर्याप्त साक्ष्य और निष्पक्ष जांच के कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। केवल वास्तविक दोषियों पर ही कानून के दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
ज्ञापनकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया है कि गौवंश संरक्षण, संवर्धन एवं सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए तथा आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
