बलरामपुर,, विकासखंड कुसमी की ग्राम पंचायत नावाडीह कला पश्चिम पारा आंगनवाड़ी केंद्र में स्तंत्रता दिवस पर नई फहरा झंडा।

Samwad Chhattisgarh

✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

चांदो,,नावाडीह पश्चिम पारा आंगनवाड़ी 15 अगस्त को भी नहीं फहरा राष्ट्रध्वज! नवाडीह कला में स्वतंत्रता दिवस पर पसरा सन्नाटा, ग्रामीणों में आक्रोश आखिर इसका जिम्मेदार कौन?

बलरामपुर-रामानुजगंज। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया, वहीं विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाडीह कला के पश्चिम पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 15 अगस्त को ध्वजारोहण नहीं होने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय पर्व के दिन ध्वजारोहण कार्यक्रम नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।

         सरपंच-सचिव पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को लेकर जिम्मेदारों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई। ग्रामीणों के मुताबिक पश्चिम पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियमित अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कार्यकर्ता कई बार केंद्र से अनुपस्थित रहती हैं और 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर भी केंद्र में मौजूद नहीं रहीं।

                     सचिव ने जताई अनभिज्ञता

मामले को लेकर जब पंचायत सचिव से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो, ग्रामीणों के अनुसार, सचिव ने इस संबंध में जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई। राष्ट्रीय पर्व के दिन पंचायत क्षेत्र में ध्वजारोहण नहीं होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताए जाने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

                  जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण नहीं होना गंभीर विषय है और जिम्मेदारों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि—

– ग्राम पंचायत नवाडीह कला में 15 अगस्त के आयोजन की जांच की जाए।
– ध्वजारोहण नहीं होने के कारणों की जिम्मेदारी तय की जाए।
– पश्चिम पारा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली और कार्यकर्ता की उपस्थिति की जांच की जाए।
– जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि “स्वतंत्रता दिवस देश के सम्मान और गौरव का पर्व है। ऐसे दिन ध्वजारोहण नहीं होना बेहद गंभीर विषय है। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।”

जब इस मामले पर महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना है कि कार्यकर्ता ने  अपने ही घर में पति पत्नी की आपसी मतभेद होने के कारण घर छोड़कर कहीं चली गई इसके कारण झंडा नई फहरा।तो सवाल उठता है, लापरवाही साफ झलक रही है आगे देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों के द्वारा ऐसे कार्यकर्ता और सहायिका के ऊपर क्या कार्रवाई किया जाता है आखिर इस तरह की लापरवाही कबतक?

नोट: मामले में सरपंच, सचिव एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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