कुसमी,,मदगुरी आंबाटोली के प्राचीन नाग देवता स्वरूप मंदिर नुमा पहाड़ में उमड़ा आस्था का सैलाब, दो दिवसीय शिवरात्रि मेला में भव्य भंडारा ,नगर पंचायत अध्यक्ष ने सभी को दी शुभकामनाएं।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

कुसमी,,मदगुरी आंबाटोली के प्राचीन नाग देवता मंदिर नुमा पहाड़ में उमड़ा आस्था का सैलाब, दो दिवसीय शिवरात्रि मेला में भव्य भंडारा नगर अध्यक्ष ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं।

कुसमी विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत मदगुरी आंबाटोली में स्थित प्राचीन नाग देवता नुमा मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दो दिवसीय शिवरात्रि मेला महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें भगवान शिव जी के नाग दर्शन के लिए उमड़ पड़ीं।


ग्रामीण अंचल के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने की पूजा-अर्चना, दी शिवरात्रि की शुभकामनाएं।

मेला महोत्सव के अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र भगत ने सर्वप्रथम भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व आस्था, विश्वास और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

राजेंद्र भगत ने मेले में आने वाले सभी भक्तों का स्वागत किया और स्वयं भंडारा वितरण में भाग लेकर श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया। उनके साथ सहयोगी साथियों ने भी बढ़-चढ़कर सेवा भाव से अपनी भूमिका निभाई।
भव्य भंडारे में उमड़ा जनसैलाब।

दो दिवसीय शिवरात्रि मेले के दौरान विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में मुख्य रूप से राजेंद्र भगत, नईमुद्दीन अंसारी, श्याम कुशवाहा, करमचंद मुंडा, उत्पल कुमार, सौरभ कुमार, मुनेश्वर राम, मदन लाल वर्मा, अमरनाथ सोनवानी, संतोष भगत, जितेंद्र टोप्पो, अमित, प्रदीप सहित अनेक माताएं एवं बहनों की सक्रिय उपस्थिति रही।

कोरंधा थाना प्रभारी अमर कोमरे साहब भी अपनी पुलिस टीम के साथ चाक चौबंद में लगे रहे पुलिस टीम भी पूरी तैयारी के साथ तैनात रहे ताकि की तरह की अनहोनी ना हो।

सभी ने मिलकर सेवा भावना के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई, जिससे मेले में किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली।
आस्था और सामाजिक समरसता का संगम
शिवरात्रि मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी प्रतीक बनकर सामने आया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

मदगुरी आंबाटोली का यह प्राचीन नाग देवता नुमा की मंदिर वर्षों से क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र रहा है और हर वर्ष शिवरात्रि के अवसर पर यहां इसी तरह भव्य आयोजन होता है। इस बार भी मेले ने श्रद्धालुओं के दिलों में विशेष स्थान बना लिया।
कुल मिलाकर, कुसमी विकास खण्ड के मदगुरी आंबाटोली में आयोजित दो दिवसीय शिवरात्रि मेला महोत्सव श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।

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