बलरामपुर,,8 साल का मासूम बना पिता के संघर्ष की आवाज़, कलेक्टर परिसर में शिक्षक का अनोखा धरना।

Samwad Chhattisgarh

बलरामपुर,,8 साल का मासूम बना पिता के संघर्ष की आवाज़, कलेक्टर परिसर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर की शिक्षक का अनोखा धरना।

संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर।
बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने आज सिस्टम की बेरुखी की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक व्याख्याता शिक्षक अपने 8 वर्षीय मासूम बेटे के साथ कलेक्टर परिसर में धरने पर बैठा है। हाथ में पोस्टर और पास में कॉपी-किताब लिए बैठा बच्चा मानो अपने पिता के न्याय की गवाही दे रहा हो।

धरने पर बैठे शिक्षक का आरोप है कि वरिष्ठता के बावजूद उन्हें जानबूझकर प्रभार से वंचित रखा जा रहा है, जबकि कनिष्ठ कर्मचारियों को जिम्मेदार पद सौंप दिए गए हैं। शिक्षक ने आरोप लगाया कि पूरा मामला DEO के संरक्षण में चल रहे खेल का नतीजा है।


शिक्षक का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे, ज्ञापन दिए, मौखिक और लिखित शिकायतें कीं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई शून्य रही। मजबूर होकर आज वे अपने मासूम बच्चे के साथ धरने पर बैठने को मजबूर हैं।
धरना स्थल पर लगाए गए पोस्टरों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, अनुशासनहीनता पर कार्रवाई और नियमित रूप से प्रभार दिए जाने की मांग प्रमुख रूप से लिखी गई है। हैरानी की बात यह है कि कलेक्टर कार्यालय से गुजरने वाले कई अधिकारी-कर्मचारियों की नजर इस दृश्य पर पड़ी, लेकिन अब तक किसी ने शिक्षक की सुध नहीं ली।
शिक्षक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आज सवाल सिर्फ एक शिक्षक का नहीं है, सवाल है उस शिक्षा व्यवस्था का, जहां एक शिक्षक को अपने अधिकारों के लिए अपने मासूम बच्चे को धरने पर बैठाना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस भावनात्मक और गंभीर मामले पर कब जागता है।

वहीं ए बी ओ रामपत यादव के द्वारा मीडिया से चर्चा करते आश्वासन दिया गया कि जल्द जांच कर कारवाई की जाएगी।

Share This Article