बलरामपुर,,विकास खण्ड कुसमी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने केंद्र और राज्य सरकार के नाम 03सूत्रीय मांग को लेकर , अनुविभागीय अधिकारी कुसमी को सौंपा ज्ञापन।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

कुसमी,,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ जिला बलरामपुर ने अपने 03 सूत्रीय मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी कुसमी को सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर,भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के ‌द्वारा पूरे देश में 1975 से आज पर्यंत तक आगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास योजना का संचालन हो रहा है, जिसमें लगभग 24 लाख की संख्या में आआंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत है, तथा इस योजना को सफलीभूत कर रहे हैं. इसके अंतर्गत 6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, अनौपचारिक शिक्षा के साथ पूरक आहार उपलब्ध कराने शिशु एवं स्तनपान तथा गर्भवती माता एवं बच्चों को कुपोषण से बचाने लिए जस्ती पुष्टाहार, विटामिन, प्रोटीन उपलब्ध कराने का कार्य केंद्र सरकार की इस स्कीम के तहत आआंगनबाड़ी कर्मियों के ‌द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य शासन के द्वारा बीएलओ आर्थिक सामाजिक जनगणना, जनगणना, पल्स पोलियों, फाईलेरिया कोरोना वैक्सीनेशन, राशनकार्ड सत्यापन, आयुष्मान कार्ड, आधारकार्ड ई श्रम कार्ड, ekyc, ओ डी एफ. आदि कार्य को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संपन्न कराए जाते हैं।

                ये है इनका ,03 सूत्रीय मांग

इस प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवा देने के साथ क्षेत्र का भ्रमण करने इन दोनों को मिलाकर 8 घंटे से भी अधिक का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों को करना पड़ता है. पिछले 50 वर्षों से संचालित इस महत्वकांक्षी स्कीम में उपरोक्त कार्यों को संपादित करने के उपरान्त भी आंगनबाड़ी कर्मियों को अब तक न कर्मचारी घोषित किया गया है. न ही न्यूनतम वेतन के दायरे में इन्हें लाया गया है आज की स्थिति में केवल अल्प मानधन का ही भुगतान इन्हें सर्वत्र किया जा रहा है. सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य सुविधाएं आज तक उनके लिए लागू नहीं की जा सकी है। आंगनबाड़ी कर्मियों को राज्य कर्मचारी के जैसे कार्य करने के उपरान्त इन्हें कर्मचारी घोषित न करना तथा अल्प मानधन में कार्य करवाना भारत के संविधान की धारा 14,15,23′ का उलंघन है, आंगनबाड़ी कर्मी National food secunty act 2013 तशा Right to education act2009 की धारा 11 के तहत आंगनबाड़ी कैदी तथा पी प्राइमरी स्कूल में 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को शिक्षा तथा भओजल देने, गर्भवती माताओं और खानपान कराने वाली माताओं को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही हैं, जो statutory (वैधानिक) प्रकृति का कार्य है यह स्पष्ट प्रमाणित होता है इसलिए इन पर Payment of Wages Act1972 भी लागू होगा इसलिए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल को सस्थान मानकर तथा मानधन को wages मजदूरी मानकर इन्हें वर्ष 2022 से ग्रेजुएटी भुगतान करने का आदेश पारित किया है।

एक अन्य आदेश में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आंगनबाड़ी कर्मियों के परिवार के पालन पोषण, इनके बच्चों की शिक्षा. स्वास्थ्य, इनके द्वारा किए जा रहे कार्य की बहुलता तथा शामिल कार्य के घंटो को म‌द्देनजर रखते हुए इन्हें वेतन की जगह मानधन देना आरत के संविधान की धारा 21 का उलंघन माना है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कहा है की इनके ‌द्वारा किए जा रहे कार्य को वैधानिक कार्य मानकर आगनबाड़ी कार्यकर्ता को मानधन की जगह लिविंग वेज 24800/तथा सहायिका को 20300 रुपए प्रतिमाह भुगतान किया जाना चाहिए।

विगत 21 नवबर 2025 को लागू सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 की क्लॉज 113,114 में असंगठित कर्मी तथा गिंग प्लैटफॉर्म वर्कर के लिए पंजीयन एवं अनेकी स्कीम का लाभ इन्हें प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ साथ नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड का गठन भी इनके हितार्थ में किया गया है सरकार की इस पहल का हम स्वागत करते हैं, किंतु वहीं दूसरी ओर 50 वर्षों से अधिक समय से प्रभावी इस महत्वकांछि स्कीम में कार्यरत आंगनबाड़ी कर्मियों के हितार्थ इस कोड में सामाजिक सुरक्षा कर कोई प्रावधान नहीं करना यह समझ से परे है इसके कारण आगनबाड़ी कर्मियों में काफी हताशा तथा रोष व्याप्त है, जबकि इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस तथा अन्य अवसरों पर स्कीम वर्कर के हितार्य सामाजिक सुरक्षा देने की सिफारिश के अनेको ज्वलंत उदाहरण भी उपलब्ध हैं, वर्ष 2012 में संपन्न 44 वें इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में सामाजिक सुरक्षा विषय पर गठित कमेटी की अनुशंसा के अनुसार औ आंगनबाड़ी तथा अन्य स्कीम वर्कर को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए। वर्ष 2013 में संपन्न 45 वी इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में स्कीम वर्कर की सेवा तथा कार्य दशाएं इस विषय पर चचर्चा होकर इन्हें मिनिमम वेज सहित पी एफ, आई एस आई पैशन, का लाभ देने की सिफारिश संबंधित समिति में की थी इसी प्रकार 46 वी इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में श्री ई पी एफ, ई एस आई की सिफारिश स्कीम वर्कर के लिए संबंधित समिति ने की थी।

अतः उड़ीसा के पूरी में 6 से 8 फरवरी 2026 को आयोजित आरतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय अधिवेशन के माध्यम से हम केंद्र तथा राज्य सरकारों से संयुक्त रूप से यह मांग करते हैं की उपर्युक्त लिखित विषय बिंदुओं के प्रकाश में सरकार तथा आंगनबाड़ी कर्मियों के मध्य कर्मचारी तथा नियोक्ता का संबंध स्थापित स्पष्ट स्थापित होता है तथा यह वैधानिक पद पर कार्य कर रही है, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 तथा ग्रेजुएटी. एक्ट 1972 इन पर लागू होता है. तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी सिफारिश की गई है, इसलिए आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी घोषित करते हुए वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ इन्हें अविलंब प्रदान किया जाए।

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