✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻

प्रदेश में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर भी लक्ष्य के विद्यार्थियों का कब्जा; मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

बलरामपुर/शंकरगढ़। शंकरगढ़ जैसे दुरांचल क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा रहा लक्ष्य शिक्षण संस्थान एक बार फिर अपनी उपलब्धियों को लेकर सुर्खियों में है।

प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की प्रथम चयन सूची में लक्ष्य शिक्षण संस्थान के 85 छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल कर संस्थान और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खास बात यह रही कि परीक्षा में प्रदेश के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वाले विद्यार्थी भी लक्ष्य शिक्षण संस्थान से जुड़े हैं।
इसी उपलब्धि को लेकर लक्ष्य शिक्षण संस्थान में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की प्रथम चयन सूची में सफल सभी 85 छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
अतिथियों का किया गया भव्य स्वागत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल खान एवं नायब तहसीलदार गजराज सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्राचार्य डी.डी. भगत एवं पूर्व प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद भगत मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के माल्यार्पण एवं स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सफल विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
शिक्षा के क्षेत्र में लक्ष्य की लगातार बड़ी उपलब्धियां
मुख्य अतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल खान ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शंकरगढ़ जैसे दुरांचल क्षेत्र में लक्ष्य शिक्षण संस्थान द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे लगातार देखते आ रहे हैं कि लक्ष्य संस्थान के विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा शेरनी की दूध है।

उन्होंने सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, उत्कर्ष जवाहर नवोदय विद्यालय सहित भारतीय सेना से जुड़ी चयन प्रक्रियाओं में संस्थान के विद्यार्थियों की सफलता का उल्लेख करते हुए संचालक सुदर्शन यादव को भी बधाई दी।
“ऐसी प्रतिभा और मेहनत कम देखने को मिलती है”
विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद भगत ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के क्षेत्र में बिताया है, लेकिन इतने दुरांचल क्षेत्र में आकर बच्चों के लिए इस स्तर की तैयारी का माहौल तैयार करना सराहनीय है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं कुसमी से अपने दो बच्चों को लक्ष्य संस्थान में तैयारी के लिए भेजा था। दोनों बच्चे सफल हुए, जिसमें एक का नवोदय विद्यालय और दूसरे का प्रयास आवासीय विद्यालय में चयन हुआ।

उन्होंने कहा कि बड़े शहरों और कोटा जैसे शिक्षा केंद्रों में जिस तरह का माहौल विद्यार्थियों को मिलता है, वैसा ही वातावरण दुरांचल क्षेत्र में उपलब्ध कराने का काम सुदर्शन यादव ने किया है।
85 बच्चों की सफलता को नायब तहसीलदार ने बताया शिक्षा की क्रांति
नायब तहसीलदार गजराज सिंह ने कहा कि उन्होंने बड़े-बड़े शहरों के कोचिंग संस्थानों को भी देखा है, लेकिन दुरांचल क्षेत्र में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का सफल होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि 85 बच्चों का प्रयास आवासीय विद्यालय में सफल होना शिक्षा के क्षेत्र में किसी क्रांति से कम नहीं है। यह शिक्षकों की बेहतर कार्ययोजना, कठिन परिश्रम और विद्यार्थियों के समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
प्रदेश में टॉप-3 भी लक्ष्य संस्थान के नाम
लक्ष्य शिक्षण संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि लक्ष्य शिक्षण संस्थान वर्ष 2016 से संचालित है और तब से अब तक 1500 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर उत्कृष्ट विद्यालयों एवं संस्थानों में अध्ययन कर चुके हैं।

इस वर्ष की उपलब्धियां भी उल्लेखनीय रहीं—
जवाहर नवोदय विद्यालय: 25 विद्यार्थी सफल
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय: 105 विद्यार्थी सफल
सैनिक स्कूल: 23 विद्यार्थी सफल
प्रयास आवासीय विद्यालय: प्रथम चयन सूची में 85 विद्यार्थी सफल
उत्कर्ष जवाहर नवोदय विद्यालय: जिले की 5 सीटों में से 3 पर लक्ष्य के विद्यार्थियों का चयन
अग्निवीर भर्ती: 11 विद्यार्थी सफल होकर देशसेवा के लिए चयनित
प्रदेश में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान भी लक्ष्य के विद्यार्थियों के नाम
प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में लक्ष्य शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
प्रथम स्थान: संजना यादव, पिता ओमप्रकाश यादव — 92 अंक
द्वितीय स्थान: अर्पित यादव, पिता संतोष यादव — 91 अंक
तृतीय स्थान: दीप रवि, पिता रामनाथ रवि — 89 अंक
इसके अलावा अर्पित भगत, अविनाश तिर्की, प्रिंस यादव, शौर्य देवांगन, विष्णु पटेल, शैलेश दास, आर्यन सोनी, संस्कृति टोप्पो, दीपांशु सिंह, छत्रपाल यादव, आस्था तिर्की, सौरभ कुमार, सुप्रिया तिर्की, अर्चना यादव, आयुष कश्यप, सूर्य केरकेट्टा, आर्यन गुप्ता, असफिया बानो, एरिन, महक यादव, प्रीतम रवि, शिवानी मरावी, चांदनी, आकांक्षा, सुमेला खातून, उत्कर्ष गुप्ता, इशा मिरी, दुर्गावती सिंह, प्रतीक यादव, समृद्धि बुनकर, रिफत परवीन, प्रिया कुजूर, दीपिका नाग, ऋषभ सिंह, अनीशा, साक्षी बघेल, रोहित नागवंशी, संजना नाग, भारती नायक, निशा कुजूर, नीरज यादव, वेदांत, आलोक यादव, राहुल यादव, अंकित रवि, मोहम्मद अर्श, शत्रुघ्न, आर्यन, हिमाचल भगत, अमन खलखो, जीशान राजा, मोहम्मद शाहनवाज, ईशान कुमार, अर्पण टोप्पो, आभा प्रिया खाखा, अभिषेक सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी सफलता हासिल की।
“क्षेत्र के बच्चों को आगे ले जाना हमारा मकसद”
संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव ने कहा कि लक्ष्य शिक्षण संस्थान का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण एवं दुरांचल क्षेत्र के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें प्रदेश और देश स्तर पर आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गरीब, असहाय और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे लेकर जाना ही संस्थान का मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटे अभिभावक और विद्यार्थी
सम्मान समारोह में सरिता यादव, मंगेश्वर यादव, अजमेरु, ओमप्रकाश यादव, यदुवंशी यादव, पूरन देवांगन, नंदलाल पटेल, कमलेश यादव, ताराचंद, गिरधारी सर, अनिल कश्यप, सुखराम, सुशील, धनेश, जीतलाल, कालेश्वर यादव सहित संस्थान से जुड़े शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
दुरांचल क्षेत्र में शिक्षा की मजबूत नींव और लगातार मिल रही सफलताओं के बीच लक्ष्य शिक्षण संस्थान की यह उपलब्धि निश्चित रूप से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।
