बलरामपुर,,आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा ने बलरामपुर जिले से साइबर सुरक्षा संवाद कार्यक्रम की शुरूआत।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/

आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा ने बलरामपुर जिले से साइबर सुरक्षा संवाद कार्यक्रम की शुरूआत



साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों ने साझा किए अनुभव, युवाओं में बढ़ी साइबर सतर्कता की भावना


सरगुजा आई जी ने कहा सुरक्षित ऑनलाइन आदतें अपनाएं और साइबर फ्रॉड से रहें सतर्क –

संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्रीमान दीपक कुमार झा ने आज दिनांक 16 अक्टूबर 2025 को बलरामपुर जिले से “साइबर सुरक्षा संवाद कार्यक्रम” की शुरूआत की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर छात्रों और ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है ताकि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ठगी या डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार न बने।


उक्त कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड से पीड़ित नागरिकों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया गया। जिन लोगों ने सूझबूझ और हिम्मत से ठगी की घटनाओं की रिपोर्ट कर राशि वापस प्राप्त की, उन्होंने अपने अनुभवों से सभी को सतर्क रहने की प्रेरणा दी।

आईजी श्री दीपक कुमार झा ने छात्रों और नागरिकों को संबोधित करते हुए क्या  कहा सुनिए👇👇👇–



आधुनिक युग में साइबर फ्रॉड एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। साइबर अपराधी रोज नए तरीके निकाल रहे हैं, लेकिन जागरूक नागरिक उनके इरादों को नाकाम कर सकते हैं।” “किसी भी अनजान कॉल, लिंक, APK फ़ाइल या ओटीपी साझा करने से बचें। अगर आप किसी धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime. gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।” एवं अपने नजदीकी थाना/चौकी में तत्काल रिपोर्ट दर्ज करवाये।

🎤आईजी श्री दीपक कुमार झा ने संवाद के दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया और उनके जिज्ञासाओं का समाधान किया।


आईजी श्री दीपक कुमार झा ने कहा कि पुलिस तभी प्रभावी होती है जब जनता उससे खुलकर संवाद करे। उन्होंने सरगुजा रेंज में शुरू की गई क्यूआर कोड सुविधा के बारे में बताते हुए नागरिकों से आग्रह किया कि वे पुलिस सेवाओं पर अपने सुझाव और अनुभव साझा कर इस जनहितकारी पहल को सफल बनाए।
आईजी श्री दीपक झा ने यह भी कहा कि बच्चों इंटरनेट पर“सुरक्षित ऑनलाइन आदतें अपनाकर ही हम साइबर जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।”

कलेक्टर बलरामपुर श्री राजेन्द्र कटारा ने कार्यक्रम को संबंधित करते हुए कहा कि “साइबर ठगी से बचने के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता। किसी भी लालच या इनाम के झांसे में न आएं।” उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे जो साइबर सुरक्षा की जानकारी सीखें, उसे अपने गांव, परिवार और मित्रों तक जरूर पहुँचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि “ऑनलाइन लेनदेन में मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।

पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री वैभव बेंकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “साइबर ठग आजकल नौकरी, इनाम, नकली लिंक, या वॉइस कॉल, वीडियो कॉल के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं बलरामपुर जिले में पुलिस निरंतर जनजागरूकता अभियान चला रही है। पुलिस के सोशल मीडिया पेज पर नियमित रूप से साइबर अपराध से बचाव संबंधी वीडियो और पोस्ट साझा किए जा रहे हैं ताकि जनता ज्यादा जागरूक हो सके।” उन्होंने बताया कि साइबर अपराध की रोकथाम तभी संभव है जब जनता खुद जागरूक और रिपोर्टिंग के प्रति तत्पर रहे। उन्होंने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए stop-think-take action का मूल-मंत्र दिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विश्वदीपक त्रिपाठी ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बेंकर द्वारा आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर बलरामपुर श्री राजेन्द्र कटारा, डीएफओ बलरामपुर श्री आलोक कुमार वाजपेयी को स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्वदीपक त्रिपाठी, रक्षित निरीक्षक श्री विमलेश देवांगन, थाना प्रभारी बलरामपुर श्री भपेंद्र साहू , निरीक्षक राजेन्द्र यादव, निरीक्षक कुमार चंदन सिंह, उप निरीक्षक हिम्मत सिंह शेखावत साइबर सेल प्रभारी बलरामपुर, उप निरिक्षक ओम पटेल चौकी प्रभारी गणेशमोड सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य एन. के.देवांगन शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर  द्वारा किया गया।

संदेश का सार: “सतर्क नागरिक ही सुरक्षित नागरिक हैं। साइबर अपराध रोकने का सबसे बड़ा हथियार है  जागरूकता। 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और खुद भी जागरूक बनें — दूसरों को भी जागरूक करें।”

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