संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/

थाना कोरंधा जिला बलरामपुर-रामानुजगंज (छ.ग.) अपराध क्रमांक 33/2025 धारा 108 बीएनएस
गिरफ्तार आरोपी विकाश केरकेट्टा पिता जयलाल केरकेट्टा उम्र 25 वर्ष जति उरांव निवासी ग्राम पत्थलटोली सुरबेना थाना कोरंधा
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 08.10.2025 को मृतिका राधा केरकेट्टा अपनी सहेली चन्दा के साथ करमा त्यौहार देखने अपने घर से बस्ती तरफ गई थी। शाम 04:00 बजे लगभग अकेले पैदल चलकर घर पहुंची और बेड़ पर सो गई। सायं 6:30-7:00 बजे इसका भाई विकाश केरकेट्टा बस्ती तरफ से करमा त्यौहार मनाकर अपने घर नशे की हालत में आया तो देखा कि राधा बेड़ पर पड़ी हुई है और नशे में कुछ अनाप-सनाप बोल रही थी तो विकाश बोला कि लड़की होकर हड़िया/शराब क्यों पीती हो इसी बात पर दोनों भाई बहन में विवाद हुआ और विकाश राधा का बाल पकड़ कर गाल में दो झापड़ मार दिया जिसे राधा पुनः बेड़ (बिस्तर) में गिर गई। विकाश अपने कमरे में सोने चला गया। घर के सभी सदस्य अपने-अपने जगह पर सोने चले गये। दिनांक 09.10.2025 के सुबह 6:30 बजे इसका भाई विपुल केरकेट्टा घर में आकर बताया कि राधा पकरी पेड़ के डगाल में रस्सी से फांसी लगा कर मर गई है। कि सूचना पर मर्ग क्रमांक 11/2025 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर मर्ग जांच पंचनामा कार्यवाही में लिया गया। मर्ग जांच दौरान गवाहों के कथनों, घटना स्थल निरीक्षण, पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि मृतिका राधा केरकेट्टा पिता जयलाल केरकेट्टा उम्र 17 वर्ष साकिन पत्थलटोली सूरबेना थाना कोरंधा की मृत्यु का कारण उसके भाई विकाश केरकेट्टा के द्वारा नशे में गाली गलौज मार पीट करने से मानसिक रूप से क्षुब्ध होकर पकरी पेड़ के डगाल में फांसी लगाकर आत्म हत्या की है। मौके पर उसके भाई विकाश से विधिवत पुछताछ किया गया जो अपने कथन मे राधा को गाली गलौज व मारपीट करना स्वीकार किया। आरोपी द्वारा जूर्म स्वीकार करने से थाना कोरंधा में अपराध क. 33/2025 धारा 108 बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण के अग्रिम विवेचना में आरोपी विकाश केरकेट्टा पिता जयलाल केरकेट्टा उम्र 25 वर्ष जति उरांव निवासी ग्राम पत्थलटोली सुरबेना थाना कोरंधा को विधिवत गिरफ्तार कर आज दिनांक 13/10/2025 को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
मामले को सुलझाने में थाना कोरंधा से थाना प्रभारी कोरंधा निरीक्षक अमर सिंह कोमरे, सउनि. सुरेश राम, प्र. आरक्षक शैलेश कुमार सिंह, निर्मल एक्का, आरक्षक अनिल कुजूर, आशिष निश्चल तिर्की, रंजित टोप्पो म.आर. सरिता एक्का, आशा एक्का एवं सै. 263 सुरेश तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही
