संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़/9111740798

मानवता को शर्मसार करने वाला मामला: कुसमी के शिक्षक पर अश्लील व्यवहार का आरोप

ग्राम बैरडीह–आसनपानी के प्राथमिक विद्यालय के प्रधान पाठक बीरबल यादव पर मानवता को शर्मसार करने वाले आरोप, आदिवासी समाज ने हटाने की मांग की

ग्रामीणों ने सर्व आदिवासी समाज की ब्लॉक अध्यक्ष सुनील नाग को भी ज्ञापन सौंप करवाई की मांग की।

कुसमी विकासखंड के ग्राम बैरडीह–आसनपानी से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक शिक्षक बीरबल यादव पर महिलाओं से छेड़छाड़, अश्लील भाषा के प्रयोग और बच्चों के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त शिक्षक आए दिन महिलाओं को रास्ते में रोककर अभद्र शब्दों का प्रयोग करता है और अशोभनीय हरकतें करता है, जिससे गांव की महिलाएं और बच्चियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं ने बयान में बताया कि__
शिक्षक लगातार उन्हें परेशान करता है और आपत्तिजनक बातें कहता है। वहीं स्कूल से जुड़ी शिकायतों में यह भी सामने आया है कि शिक्षक स्कूली बच्चों के साथ गाली-गलौज करता है, गला दबाने जैसी हरकतें करता है और कभी-कभी टांगी से मारने की धमकी भी देता है। इन घटनाओं के चलते न केवल महिलाएं बल्कि बच्चे भी भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
गांव के आदिवासी ग्रामीणों ने मीडिया को दिए बयान में कहा_
कि शिक्षक बीरबल यादव महिलाओं से आपत्तिजनक बातें करता है और वीडियो साक्ष्य में उसकी हरकतें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। उन्होंने बताया कि गांव के सभी लोग एकजुट होकर इस शिक्षक को तत्काल गांव और विद्यालय से हटाने की मांग कर रहे हैं।और निलंबित की मांग करते हैं
मामले की जानकारी मिलने पर सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील नाग गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
सुनील नाग ने अपने बयान में कहा कि उन्हें एक वीडियो प्राप्त हुआ है, जिसमें शिक्षक द्वारा महिला के साथ अश्लील व्यवहार करते हुए देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आवेदन के आधार पर वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर आरोपी शिक्षक पर कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे।
क्या कहते है, जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर__
वहीं इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी से भी प्रतिक्रिया ली गई। उन्होंने बताया कि वीडियो के माध्यम से मामले की जानकारी मिली है और तत्काल कुसमी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीणों की एक ही मांग है कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए आरोपी शिक्षक को तुरंत हटाया जाए, ताकि गांव में भय का माहौल समाप्त हो और बच्चे निडर होकर अपनी पढ़ाई कर सकें।
