बलरामपुर,,कुसमी किसानों ने खोला मोर्चा, खाद-बीज और डीजल संकट को लेकर मुख्य मंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

Samwad Chhattisgarh

कुसमी,,किसानों ने खोला मोर्चा, खाद-बीज और डीजल संकट को लेकर मुख्य मंत्री के नाम एसडीएम कुसमी को सौंपा ज्ञापन।

किसानों की परेशानियों को लेकर तहसीलदार कुसमी से से बात की गई तो उनका कहना है कि जल्द बड़े अधिकारियों अवगत कराएंगे

✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर
कुसमी, बलरामपुर। विकासखंड कुसमी के किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने खाद-बीज की उपलब्धता में हो रही देरी तथा डीजल की किल्लत से नाराज होकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी को ज्ञापन सौंपा।

किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही है।

किसानों ने बताया कि क्षेत्र में कई दिनों से डीजल की समस्या बनी हुई है, जिससे कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, पंप और अन्य कृषि यंत्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है। बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही खेतों की जुताई, बुआई और अन्य कृषि कार्य तेजी से किए जाने हैं, लेकिन आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं डीजल की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो क्षेत्र की खेती पूरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ेगा।

किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी तीन से चार दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की स्थिति निर्मित होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य शासन और प्रशासन की होगी।

इस दौरान बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और शासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा कि खेती का समय निकलता जा रहा है। यदि अभी भी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

किसानों की प्रमुख मांगें:

किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए।
डीजल संकट का तत्काल समाधान किया जाए।
कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए।
किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि क्षेत्र में खेती-किसानी का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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