बलरामपुर,, कुसमी ,मगाजी पंचायत विवाद: अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बाद जांच में कई कार्य अधूरे पाए जाने का दावा, अभिलेख नहीं मिलने पर सवाल।

Samwad Chhattisgarh

✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर

बलरामपुर,, विकास खण्ड कुसमी की ग्राम पंचायत मगाजी पंचायत विवाद: अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बाद जांच में कई कार्य अधूरे पाए जाने का दावा, अभिलेख नहीं मिलने पर सवाल।

कुसमी। ग्राम पंचायत मगाजी में सरपंच प्रभु बेसरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब जांच रिपोर्ट में कई विकास कार्य अधूरे पाए जाने तथा अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है।

पूर्व में ग्राम पंचायत के निर्वाचित पंचों एवं ग्रामीणों ने सरपंच पर वित्तीय अनियमितता, विकास कार्यों में मनमानी, पंचों की उपेक्षा तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी अनमोल विवेक टोप्पो को लिखित आवेदन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया प्रारंभ कराने की मांग की थी। पंचों का आरोप था कि सीसी रोड, कुआं निर्माण एवं अन्य कार्यों में प्रस्ताव पारित किए बिना राशि आहरण किया गया तथा कुछ प्रस्तावों में हस्ताक्षरों को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी।

इसी शिकायत के बाद पंचों एवं ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम कार्यालय कुसमी पहुंचा था, जहां उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसडीएम द्वारा आवेदन का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर जनपद पंचायत कुसमी द्वारा जांच दल का गठन किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. अभिषेक पाण्डे के आदेश पर गठित टीम में वरिष्ठ करारोपण अधिकारी महेश बुनकर, एसडीओ (आरईएस) सुदर्शन उरांव, सब इंजीनियर तनुज अम्बष्ट सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

28 जून 2026 को हुई स्थलीय जांच के दौरान पंचायत में कई कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच में मुख्य सड़क से प्राथमिक शाला मगाजी तक 100 मीटर स्वीकृत सीसी रोड में केवल लगभग 35 मीटर कार्य पाया गया। उमेश यादव के घर के पास नहानी घर का निर्माण एक कमरे तक ही अधूरा मिला, जबकि दुखा कोरवा के घर के पास स्वीकृत नहानी घर का निर्माण नहीं होने का आरोप भी सामने आया।

जांच रिपोर्ट के अनुसार जलबोथा आंगनबाड़ी मरम्मत कार्य केवल फर्श ढलाई तक सीमित पाया गया और उसे अधूरा छोड़ दिया गया। वहीं जरहाखाड़ के पास नहानी घर जांच के दौरान पूर्ण पाया गया, हालांकि पंचों का आरोप है कि शिकायत के बाद जांच से पूर्व ही कार्य पूरा कराया गया। इसके अलावा पंचायत में गद्दा, रस्सी, कुर्सी एवं कूलर खरीद के नाम पर राशि आहरित किए जाने का आरोप है, जबकि जांच के दौरान उक्त सामग्री पंचायत में उपलब्ध नहीं पाई गई। पंचों का कहना है कि इन सभी मदों की राशि पहले ही आहरित कर ली गई है।

जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह सामने आया कि कैश बुक, पास बुक, बिल-वाउचर, बैठक सूचना पंजी, बैठक कार्यवाही पंजी एवं स्टॉक पंजी जैसे आवश्यक अभिलेख जांच टीम को उपलब्ध नहीं कराए गए। अभिलेखों के अभाव में कथित फर्जी हस्ताक्षरों के सत्यापन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पंचों ने जांच प्रक्रिया से असंतोष जताते हुए पूरे मामले की पुनः विस्तृत जांच और फर्जी साइन की स्वतंत्र सत्यापन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत में पारदर्शिता के अभाव में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

जांच टिम में पंचायत इंस्पेक्टर बुनकर एस डी ओ सुदर्शन उरांव और इंजिनियर तनुज अंबष्ट जब इनसे फोन के माध्यम से बात हुई तो इनका कहना है कि अभी जांच चल रही है

Share This Article