बलरामपुर,,भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा नावाडीह चेक डैम: नियम ताक पर, लीपापोती में जुटा ठेकेदार!

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा नावाडीह चेक डैम: नियम ताक पर, लीपापोती में जुटा ठेकेदार!


बलरामपुर: विकास के दावों की जमीनी हकीकत देखनी हो, तो जिले के ग्राम पंचायत नावाडीह चले आइए। यहाँ शासन के लाखों रुपयों को पानी की तरह बहाया जा रहा है, लेकिन जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि ठेकेदार और अधिकारियों की जेब भरने के लिए।

अंधेरगर्दी: न बोर्ड, न जानकारी, बस भ्रष्टाचार जारी
निर्माण स्थल की स्थिति देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह सरकारी काम है या कोई निजी खानापूर्ति। नियमतः हर निर्माण कार्य के पास एक सूचना पटल (Board) होना अनिवार्य है, जिसमें विभाग का नाम, बजट और विवरण हो। लेकिन नावाडीह में ऐसा कोई बोर्ड नहीं है। आखिर विभाग अपनी पहचान क्यों छिपा रहा है? क्या यह सोची-समझी रणनीति है ताकि कोई सवाल न पूछ सके?
मिट्टी युक्त बालू और कम सीमेंट का ‘खतरनाक’ खेल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, चेक डैम के निर्माण में गुणवत्ता की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं
घटिया सामग्री: निर्माण में अत्यधिक मिट्टी युक्त बालू का उपयोग हो रहा है।


सीमेंट की चोरी: कंक्रीट के मिश्रण में सीमेंट की मात्रा मानक से काफी कम रखी जा रही है।


फिनिशिंग के नाम पर ढोंग: ऊपरी तौर पर लीपापोती कर घटिया ढलाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।
“ठेकेदार को फोन लगाओ तो उठाना मुनासिब नहीं समझते। ऐसा लगता है जैसे जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ गहरी साठ-गाठ है, तभी तो बिना किसी डर के इतना घटिया काम किया जा रहा है।” — स्थानीय ग्रामीण
प्रशासन की चुप्पी पर खड़े हो रहे सवाल
सरकार पिछड़े इलाकों के विकास के लिए करोड़ों का फंड जारी करती है, लेकिन बलरामपुर का यह मामला बताता है कि जमीन पर भ्रष्टाचार का दीमक विकास को खोखला कर रहा है। बिना बोर्ड के काम होना और घटिया सामग्री का इस्तेमाल साफ़ संकेत देता है कि यहाँ ‘मोटी रकम’ डकारने की तैयारी है।
हमारी मांग
जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदय को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। कार्य को तुरंत रुकवाकर सामग्री की लैब जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित इंजीनियर पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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