बलरामपुर,, जिले में मोर गांव मोर पानी महाअभियान अंतर्गत धंधापुर में चौपाल का आयोजन।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

मोर गांव मोर पानी महाअभियान अंतर्गत धंधापुर में चौपाल का आयोजन

नवा तरिया आय के जरिया के माध्यम से ग्रामीण आजीविका संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा


जल संरक्षण और रोजगार सृजन अवसरों की दी गई विस्तृत जानकारी

बलरामपुर, 4अप्रैल 2026/ कलेक्टर  श्री राजेंद्र  कटारा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में  जिले के विकासखण्ड राजपुर अंतर्गत “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के तहत ग्राम पंचायत धंधापुर में जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज एवं आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चौपाल का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम मनरेगा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के समन्वय से “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ।

चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों एवं स्व-सहायता समूह  की महिलाओं को “नवा तरिया” के माध्यम से आय अर्जन के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। चौपाल  में लोगो को बताया  गया कि समूह आधारित गतिविधियों को अपनाकर ग्रामीण परिवार अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकते हैं। नवा तरिया के माध्यम से मछली पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा की खेती, तरिया के मेड़ पर सब्जी उत्पादन तथा फलदार वृक्षारोपण कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। इससे जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों को वर्षभर रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। साथ ही बताया गया कि खरीफ फसल के बाद रबी एवं जायद फसलों के लिए सिंचाई जल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और उनकी आय में निरंतर बढ़ोतरी संभव होगी।

इस दौरान जनपद सीईओ श्री संजय कुमार दुबे, जिला एपीओ संजय यादव, कार्यक्रम अधिकारी मानसाय सिदार, तकनीकी सहायक आशुतोष सहित एनआरएलएम टीम एवं इंडियन ग्रामीण सर्विसेज की  टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। टीम द्वारा नवा तरिया निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करते हुए आगामी मई माह तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए सामुदायिक सहभागिता से स्थायी विकास सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “नवा तरिया” जैसी पहलें जल संकट के समाधान के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। और सामूहिक प्रयासों से गांवों में स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस अवसर पर चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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