संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर

दिनांक 12/11/2025
कुसमी,, नशे में धुत युवक ने महिला को मारी जोरदार टक्कर — 108 और पुलिस विभाग की लापरवाही उजागर, पत्रकार और समाजसेवी की तत्परता से बची दो ज़िंदगियाँ।

संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/कुसमी। नगर पंचायत कुसमी मेन रोड बोलबम ऑटो के सामने मंगलवार को शाम एक बड़ा हादसा उस समय हो गया। जब एक नशे में धुत युवक ने तेज रफ्तार बाइक चलाते हुए सड़क किनारे एक बुजुर्ग महिला जा रही थी। जिसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, वहीं बाइक सवार युवक को भी चेहरे, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं।
आपको बता दे कि युवक नशे में धुत तो था ही, और बाइक पर रख कर बेखौफ चल रहा था वो भी ओपेनली पॉलीथिन में(हंड़िया)युवक ना तो उसके पास कोई गाड़ी की दस्तावेज न ही लाइसेंस थी और नहीं हेलमेट पहना था कोई रोक टोक करने वाला भी नई ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ तो जुटी, लेकिन किसी ने भी घायल महिला या युवक की मदद करने की पहल नहीं की दोनों दर्द से तड़पते रहे। इस बीच संयोग से वहां से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार सद्दाम खान व जसीम खान ने स्थिति को समझते हुए तत्काल स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस को कई बार कॉल करने बाद भी कोई रिस्पॉन्स नई मिला यहां अस्पताल तो है लेकिन इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस की सुविधा नई है ।और थाना कुसमी पुलिस को सूचना दी, परंतु दोनों विभागों की ओर से कोई तत्पर प्रतिक्रिया नहीं मिली ।कल कई व्यक्तियों को बाइक चलाते देखा गया नशे की हालत में ।यदि पुलिस विभाग इस ओर लगातार ध्यान दे तो अच्छा होता।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर तत्काल पहुंचे कुसमी के समाजसेवी मोहम्मद शमीम ने बिना समय गँवाए निजी वाहन की व्यवस्था कर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुँचाया। वहाँ दोनों का प्राथमिक उपचार कराया गया।
घायल युवक की पहचान राहुल नगेसिया पिता त्रिकन नगेसिया, 18 वर्ष ग्राम सामरी कुंदाग का रहने वाला रूप में हुई है। वहीं घायल बुजुर्ग महिला नगर कुसमी की अरुण दत्ती उम्र 70 वर्ष जो कि कुसमी में मुर्रा बेचकर अपनी
जीवनयापन चलती है जो फिलहाल गंभीर चोटों से जूझ रही हैं।

अस्पताल पहुँचने के बाद चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया और परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। बाद में थाना कुसमी से कर्मचारी भी अस्पताल पहुँचे और घटना का मुलाहजा (निरीक्षण) किया।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है_ कि आखिर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन इतनी लापरवाह क्यों हो गई है कि घटना की सूचना मिलने के बाद भी न तो 108 एंबुलेंस मौके पर पहुँची, न ही पुलिस की तत्काल मदद मिली इस लचर व्यवस्था की लोग कर रहे चर्चा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है_ कि नगर में नशे की लत युवाओं में खतरनाक रूप से बढ़ रही है, और संबंधित विभाग इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप ऐसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं यदि पुलिस की चेकिंग हमेशा होती तो ऐसा देखने को नई मिलता।
लोगों ने प्रशासन से माँग की है_ कि नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, तथा 108 एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पत्रकार और समाजसेवी व मदद के लिए सामने आए भाजपा नेता दिलीप गुप्ता ने की मानवीय संवेदनशीलता ने इस बार दो लोगों की जान बचा ली, लेकिन यह घटना शासन-प्रशासन के कामकाज पर बड़ा सवालिया निशान छोड़ गई है —
क्या अब इंसानियत आम नागरिकों में ही बाकी रह गई है, और विभाग केवल दर्शक बन गए हैं।
