बलरामपुर,,कुसमी में धूमधाम से मनाया गया खद्दी मूली पड़हा सरहुल पर्व, निकली भव्य शोभायात्रा।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

कुसमी में धूमधाम से मनाया गया सरहुल पर्व, निकली भव्य शोभायात्रा

बलरामपुर जिले के कुसमी में सर्व आदिवासी समाज द्वारा पारंपरिक हर्षोल्लास और उत्साह के साथ सरहुल पर्व मनाया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और एकता की झलक देखने को मिली।

बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी में सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में सरहुल पर्व बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की सहभागिता रही, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा उपस्थित रहीं, वहीं अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक प्रीतम राम ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरुआत धर्म मंडा कुसमी से हाई स्कूल ग्राउंड तक भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने नृत्य-गान प्रस्तुत करते हुए शोभायात्रा को आकर्षक बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक गीतों ने लोगों का मन मोह लिया।

इस दौरान विधायक उद्देश्वरी पैकरा ने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल पर्व आदिवासी समाज की पहचान और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस त्योहार को हर वर्ष और भी बेहतर तरीके से मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष बसंती भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामणि निकुंज, सरपंच संघ अध्यक्ष संतोष इंजीनियर सभी मौजूद रहे ।

इस आयोजन में कुसमी विकासखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने मिलकर सरहुल (खदी मूलही पड़हा) पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

जनपद अध्यक्ष बसंती भगत, मंडल अध्यक्ष शशि टोपो, देवसाय, इंदर निकुंज, विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण पैकरा, मांदर की थाप पर विधायक पैकरा स्वयं भी नृत्य करते नजर आईं, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।

कार्यक्रम के समापन के बाद आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने अपने मूल निवासी व 2027 में जनगणना में आदिवासी धर्म कालम 7 नंबर पर लागू करने के लिए व अधिकारों और सुरक्षा को लेकर एसडीएम कुसमी के द्वारा राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। समाज के लोगों ने अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

सरहुल पर्व के इस आयोजन ने कुसमी में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता देखने को मिली, इस कार्यक्रम में अहम भूमिका मूली बढ़ा उरांव समाज के लक्ष्मी देवान अध्यक्ष मंगलसाय कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री राम चंद्र निकुंज, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गोवर्धन भगत, माइक संचालक धीरजन उरांव, BDC देवधन भगत, सरपंच संग अध्यक्ष संतोष इंजीनियर, बालेश्वर राम, उत्पल, पवनसाय सोनवानी, विनोद राम, दीपक बुनकर, के साथ सभी समाज प्रमुख व युवा साथी का अहम भूमिका रहा।

कुसमी में आयोजित इस भव्य सरहुल पर्व ने न सिर्फ आदिवासी संस्कृति को जीवंत किया, बल्कि समाज में एकता और परंपराओं के संरक्षण का भी संदेश दिया।

Share This Article