बलरामपुर,, विकास खण्ड कुसमी की ग्राम कमलापुर में 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा स्टॉप डैम, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल।

Samwad Chhattisgarh

प्रधान संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर \9111740798

कुसमी की कमलापुर में 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा स्टॉप डैम, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल शासन की करोड़ों रुपए खर्च लेकिन गुणवत्ता विहीन कार्य जिम्मेदार कौन?

कमलापुर स्टॉप डैम में विभाग-ठेकेदार की मनमानी, करोड़ों की योजना दांव पर ग्रामीण का आरोप जिम्मेदार कौन?


किसी तरह की कोई सूचना बोर्ड न होना भी सवालों के घेरे में


कुसमी।
जल संसाधन विभाग कुसमी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम कमलापुर में बन रहे स्टॉप डैम का निर्माण कार्य इन दिनों ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से चल रहे, इस कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने निर्माण गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह स्टॉप डैम बनाया जा रहा है—वह उद्देश्य कहीं न कहीं लापरवाही और अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। किसानों को सिंचाई सुविधा देने वाला यह प्रोजेक्ट, यदि समय रहते नहीं सुधरा, तो भविष्य में किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली स्थिति__

संवाददाता द्वारा मौके पर पहुंचकर जब निर्माण कार्य का जायजा लिया गया, तो पाया गया कि कार्यस्थल पर तकनीकी निगरानी लगभग न के बराबर है। काम कर रहे मजदूरों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे यह कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर कर रहे हैं और उन्हें जैसा निर्देश ठेकेदार द्वारा दिया जाता है, वैसा ही काम किया जाता है।

ग्रामीण फेकू, रामजीवन एक्का, राजू, रूपकुमार और दिलीप भगत ने आरोप लगाया कि विभागीय इंजीनियरों की नियमित मौजूदगी नहीं होने के कारण ठेकेदार को निर्माण में मनमानी करने की खुली छूट मिल रही है।

नींव और संरचना को लेकर उठे सवाल__

निर्माण स्थल पर यह भी देखा गया कि विंग वॉल का निर्माण बिना समुचित खुदाई के किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार नींव की खुदाई अनिवार्य होती है। इसी तरह, स्टॉप डैम के बेस को भी पूरी गहराई तक तैयार नहीं किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है, कि केवल ऊपरी पॉलिश कर कार्य को पूरा दिखाने की कोशिश की जा रही है।

     पानी में ही की जा रही ढलाई पर आपत्ति__

डैम के कुछ हिस्से में पानी निकाले बिना ही ढलाई की जा रही है। जानकारों के अनुसार, पानी के दबाव वाले हिस्सों में ढलाई के लिए विशेष तकनीक और सामग्री की आवश्यकता होती है, जो मौके पर उपलब्ध नहीं दिखी।
इस तरह का निर्माण भविष्य में संरचना की मजबूती पर खतरा बन सकता है।

     सूचना बोर्ड न होना भी सवालों के घेरे में__

इतनी बड़ी राशि से बन रहे इस स्टॉप डैम के निर्माण स्थल पर अब तक कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। जबकि सरकारी नियमों के अनुसार निर्माण स्थल पर परियोजना की लागत, निर्माण एजेंसी और समय-सीमा दर्शाने वाला सूचना बोर्ड लगाया जाना आवश्यक होता है।
सूचना बोर्ड के अभाव में ग्रामीणों को न तो परियोजना की पूरी जानकारी मिल पा रही है,और न ही जवाबदेही तय हो पा रही है।
इस मामले में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता अम्बिकापुर_अनिल कुमार खलखो से संपर्क करने पर उन्होंने फोन पर कहा—

अभी मैं साइड वाले जो काम करवा रहा है, उनसे बात करता हूं, दिखवाता हूं। कमलापुर का मामला बताया गया है, मैं दिखवाता हूं।”
इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।

वहीं इस पूरे मामले पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलरामपुर हरिहर यादव ने कहा—

मुझे भी इसकी जानकारी गांव वालों से हुई थी, और आपके माध्यम से भी सूचना मिली है। अगर विभाग और ठेकेदार की साठगांठ से इस तरह का काम हो रहा है, तो यह पूरी तरह गलत है। हम इसका विरोध करते हैं और विभाग से जांच की मांग करते हैं। किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए बनने वाले इस प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्रामीणों ने की जांच की मांग__
ग्रामीणों ने मांग की है, कि स्टॉप डैम निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।

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