संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/

बलरामपुर में कांग्रेस की सियासी सरगर्मी तेज़ — जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में छह दावेदार, बनेगा पैनल

बलरामपुरजिले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत अब बलरामपुर जिले में भी राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। जिलाध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान और शक्ति प्रदर्शन तेज़ हो गया है। एआईसीसी के पर्यवेक्षक दल के आगमन के साथ ही ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई है।

गुरुवार को पहुंचे एआईसीसी पर्यवेक्षक दल ने जिले के विभिन्न ब्लॉकों में बैठकें कर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की शुरुआत की। सूत्रों के अनुसार, जिलाध्यक्ष पद के लिए छह नामों का पैनल तैयार किया जाएगा, जिसमें सबसे अधिक समर्थन प्राप्त नेता का नाम अंतिम रूप से दिल्ली भेजा जाएगा।

पर्यवेक्षक दल में महाराष्ट्र के विधायक विकास ठाकरे (एआईसीसी पर्यवेक्षक), छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पर्यवेक्षक द्वारकाधीश यादव, विधायक छन्त्री साहू और पूर्व विधायक खुज्जी (राजनांदगांव) शामिल रहे।
दल ने सबसे पहले रघुनाथनगर ब्लॉक से रायशुमारी की शुरुआत की। इसके बाद वाड्रफनगर और रामानुजगंज में कार्यकर्ताओं से चर्चा की गई। कल देर शाम दल बलरामपुर मुख्यालय पहुंचा, जहां ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
आज शुक्रवार को पर्यवेक्षक दल राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी और चांदो ब्लॉकों का दौरा किया और स्थानीय कार्यकर्ताओं से अध्यक्ष पद के संभावित नामों पर रायशुमारी लिया।
जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में छह दावेदार
बलरामपुर कांग्रेस में इस बार जिलाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है।
वर्तमान जिलाध्यक्ष केपी सिंहदेव, जो पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के करीबी माने जाते हैं, एक बार फिर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
इनके अलावा कई अन्य नेता भी मैदान में हैं —
हरिहर यादव (वाड्रफनगर)
अजय गुप्ता (रामानुजगंज)
प्रेमसागर (बलरामपुर)
संजीत गुप्ता (बलरामपुर)
सुनील सिंह (राजपुर)
हरीश मिश्रा (कुसमी)
मोहम्मद अब्दुला (चांदो ब्लॉक अध्यक्ष)
जितेंद्र गुप्ता (जिला महामंत्री)
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बलरामपुर जिला संगठन में अब भी टी.एस. सिंहदेव गुट का वर्चस्व मजबूत है, और अधिकांश दावेदार उन्हीं के समर्थक माने जाते हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नया जिलाध्यक्ष भी संभवतः सिंहदेव कैंप से ही होगा।
पर्यवेक्षक बोले – “आम कार्यकर्ता की राय से ही बनेगा जिलाध्यक्ष”
पत्रकारों से चर्चा के दौरान एआईसीसी पर्यवेक्षक विकास ठाकरे ने कहा कि संगठन की दिशा तय करने में आम कार्यकर्ता की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा —
हम ऐसा जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं जो कार्यकर्ताओं की सहमति से चुना जाए। हमारी कोशिश है कि हर उस कार्यकर्ता तक पहुंच बनाई जाए जो जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम कर रहा है। आगे की कार्रवाई भी उन्हीं की समझ और इच्छा के अनुसार की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का संगठन तभी मजबूत होगा जब हर स्तर पर कार्यकर्ता की राय को प्राथमिकता दी जाए।
हमारा उद्देश्य है कि संगठन की कमान ऐसे व्यक्ति को दी जाए जिसे सबसे अधिक कार्यकर्ताओं की स्वीकार्यता प्राप्त हो,” ठाकरे ने कहा।
उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए छह नामों का पैनल तैयार कर आलाकमान को भेजा जाएगा।
आंतरिक राजनीति में फिर आई गर्मी
संगठन सृजन अभियान के चलते बलरामपुर में कांग्रेस की आंतरिक राजनीति एक बार फिर तेज तापमान पर है।
अंदरूनी समीकरणों और गुटीय शक्ति प्रदर्शन के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंतिम मुहर किसके नाम पर लगती है।
विश्लेषकों के अनुसार, युवा नेताओं की सक्रियता ने पुराने समीकरणों को चुनौती दी है और इस बार का परिणाम कई नई दिशाएं तय कर सकता है।
