सूरजपुर,,अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद ने ओड़गी के सुदूर क्षेत्रों में फूंका जागरूकता का शंखनाद।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर/9111740798

सूरजपुर,,अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद ने ओड़गी के सुदूर क्षेत्रों में फूंका जागरूकता का शंखनाद; महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर


मानवाधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष श्री बृजमोहन ठाकुर, सूरजपुर जिला अध्यक्ष अब्दुल रब सिद्दीकी एवं जिला उपाध्यक्ष परमहंस मिश्रा के मार्गदर्शन में आज सूरजपुर जिले के सुदूरवर्ती एवं पहुंच विहीन विकासखंड ओड़गी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के जिला कार्यक्रम सचिव  सखन आयाम ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर स्थानीय शिक्षिकाओं और अभिभावकों (मातृ-शक्ति) को परिषद के उद्देश्यों और मानवीय अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

                प्रमुख विन्दुओं पर की गई चर्चा:

शोषण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एकजुटता:  सखन आयाम ने समाज में व्याप्त अराजकता, भ्रष्टाचार और शोषण को जड़ से मिटाने के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सजगता ही अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
शिक्षा में गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों का समावेश: उपस्थित शिक्षिकाओं से आग्रह किया गया कि वे बच्चों को केवल किताबी ज्ञान न देकर उनका बौद्धिक, व्यवहारिक और नैतिक विकास करें, ताकि भविष्य में वे उत्कृष्ट नागरिक बन सकें।
महिला सशक्तिकरण और आत्मरक्षा: कार्यक्रम में उपस्थित माताओं और बहनों को स्वावलंबी बनने, आत्मरक्षा के गुर सीखने और समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
एक बेहतर समाज का संकल्प:
जिला कार्यक्रम सचिव सखन आयाम ने समापन संबोधन में कहा कि “जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।” उन्होंने सभी से एक-दूसरे का सहयोग करने और एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद: एक नजर
हमारा लक्ष्य: न्याय, समानता और मानवाधिकारों की सुरक्षा।
हमारे सम्मानित पदाधिकारी:
बृजमोहन ठाकुर (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़)
अब्दुल रब सिद्दीकी (जिला अध्यक्ष, सूरजपुर)
परमहंस मिश्रा (जिला उपाध्यक्ष, सूरजपुर)
सखन आयाम (जिला कार्यक्रम सचिव, सूरजपुर)
“मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। आइए, हम सब मिलकर एक शोषणमुक्त समाज का निर्माण करें।

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