बलरामपुर,, विकास खण्ड कुसमी की ग्राम पंचायत नावाडीह मेंभ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

बलरामपुर,, विकास खण्ड कुसमी की ग्राम पंचायत नावाडीह में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना: निर्माण के दौरान ही ढहा अटल पंचायत केंद्र का छज्जा।

बलरामपुर-रामानुजगंज: जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाडीहकला से सरकारी निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहाँ शासन की महत्वपूर्ण योजना ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ का भवन बनने के साथ ही अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां करने लगा है।

पुताई के दौरान हुआ हादसा, गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीनों से इस भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि जब भवन का निर्माण पूरा होने को आया और रंग-रोगन (पुताई) का काम शुरू हुआ, तभी खिड़की का कंक्रीट का छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई मजदूर छज्जे के नीचे मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।


बिना सूचना पटल के हो रहा है ‘अंधेरगर्दी’ का खेल
नियमों के मुताबिक, किसी भी शासकीय निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले निर्माण स्थल पर एक सूचना पटल (Information Board) लगाना अनिवार्य होता है। इसमें कार्य का नाम, स्वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी और तकनीकी विवरण दर्ज होना चाहिए लेकिन किसी तरह की कोई सूचना पटल बोर्ड नई है।

नवाडीहकला में नियम की धज्जियां उड़ाई गई हैं।
भवन की अनुमानित लागत लगभग 5.5 लाख रुपये बताई जा रही है, लेकिन मौके पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, जांच की मांग।

भवन के दो महीने के भीतर ही टूटने से स्थानीय ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि:
“जिस डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, उसे निर्माण एजेंसी (ग्राम पंचायत) और संबंधित इंजीनियरों ने भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है। घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग इस हादसे का मुख्य कारण है।”
दोषी कौन? जवाबदेही तय होना बाकी
इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं:
जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब संबंधित तकनीकी सहायक (TA) या इंजीनियर ने इसकी निगरानी क्यों नहीं की?

ग्रामीणों का कहना है कि बिना सूचना पटल के कार्य की अनुमति कैसे मिली?
क्या 5.5 लाख की लागत से बना भवन दो महीने की बारिश या सामान्य दबाव भी नहीं झेल सकता?

नवाडीहकला का यह अटल पंचायत केंद्र उद्घाटन से पहले ही अपनी विफलता की गवाही दे रहा है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषी सरपंच, सचिव व तकनीकी अमले पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में सरकारी पैसे की इस तरह बर्बादी न हो।

इस विषय पर जब हमने संबंधित इंजिनियर से बात की तो उनका कहना है कि पुट्टी करते समय गिर गया जांच करवाता हूं गोल मोल जवाब देते हुए फोन कट कर दिए।

इस विषय पर जब हमने ग्राम पंचायत नावाडीह के सरपंच शिवम् केरकेट्टा  से फोन पर बात करनी चाही तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया ना ही कोई प्रतिक्रिया मिला।

पंचायत के सचिव से फोन पर बात की तो उनका कहना है कि इंसान ही गलती होता है सुधार करवा देंगे।

इस विषय पर हमने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से बात की तो उनका प्रतिक्रिया में यही कहा गया कि विभाग के  एसडीओ गए थे जांच में तो छज्जा थोड़ा तिरछा दिखा तो वो खुद ही तुड़वाए हैं।

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