संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/

कुसमी में उगते हुए सूर्य नारायण को अर्घ्य देकर छठ महापर्व हुआ सम्पन्न,भव्य रूप हुई गंगा आरती
बनारस से आए गंगा आरती के लिए पंडित पंडितों ने भव्य रूप से करवाई गंगा आरती।

कुसमी में छठ महापर्व धूमधाम से मनाया गया। जहां सोमवार शाम को श्रद्धालुओं ने 36 घंटे के निर्जला उपवास के बाद डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर गंगा आरती के साथ पूजा-अर्चना की ।

वही मंगलवार सुबह तालाबों और नदियों पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर और हवन कर छठ महापर्व संपन्न हुआ। इस दौरान शहर के जलाशयों पर भक्तों की भारी भीड़ रही कुसमी शहर के राजा तालाब में और बलारी नदी और राजा तालाब, पर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। अधिक से अधिक श्रद्धालु छठ पूजा के लिए पहुंचे। छठी मैया की पूजन करने के बाद भक्तों ने तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया।

छठ पूजा का यह पर्व धार्मिक और सामाजिक – सांस्कृति के रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इसकी शुरुआत महाभारत काल में द्रौपदी द्वारा भगवान सूर्य देव की उपासना से हुई थी। यह कठोर उपवास घर-परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इस पर्व का समापन हुआ। उन्होंने कहा कि 36 घंटे से अधिक समय तक बिना जल ग्रहण किए यह व्रत परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है और छठ मैया की पूजा अर्चना के साथ सूर्य नारायण को अर्घ्य देकर खुशहाली और संपन्नता की कामना की जाती है। सुरक्षा की दृष्टि से तालाबों पर पुलिस के जवान तैनात रहे, पुलिस ने भी विशेष इंतजाम किए थे। पूजन स्थल पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद कुमार विश्वकर्मा,की भी खूब पहल रही नगर पुलिस थाना प्रभारी विरासत कुजूर की पुलिस टीम सहित कई राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।
