कुसमी,,मनरेगा बचाओ संग्राम’ के बैनर तले भूलसी व करौंधा में विशाल रैली-सभा, मनरेगा खत्म करने की साजिश के खिलाफ लोगों में उबाल।

Samwad Chhattisgarh

प्रधान संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798


मनरेगा बचाओ संग्राम’ के बैनर तले भूलसी व करौंधा में विशाल रैली-सभा, मनरेगा खत्म करने की साजिश के खिलाफ उबाल


दिनांक 20/0/2026 को मनरेगा को कमजोर कर उसकी जगह भाजपा सरकार द्वारा लाई जा रही तथाकथित (वीबी-जी रैम जी) विकसित भारत-रोज़गार की गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के खिलाफ बलरामपुर जिले के विधानसभा सामरी कुसमी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भूलसी – चैनपुर, हर्री, चम्पानगर,
करौंधा- पाकरडीह, कमलापुर, हंसपुर,  डोंगीपनी, खजरी, सुरबेना तक ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा लोग रैली जुलूस के माध्यम से किया विरोध।

यह जन आंदोलन प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के आह्वान पर हर जगह हो रही संपन्न।

बलरामपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर यादव के मार्गदर्शन में, पदयात्रा का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुसमी के अध्यक्ष हरीश मिश्रा ने किया है। इस अवसर पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भगत,
मंडल अध्यक्ष करौंधा सरवन गुप्ता,
वरिष्ठ कांग्रेस नेता फरीद खान, वरिष्ठ कांग्रेस भूतपूर्व पार्षद छत्रपति प्रजापति, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुसमी के तत्वाधान में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के बैनर तले रैली व जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए।

भूलसी ग्राम के विभिन्न टोलों से निकलकर सभा स्थल पर पहुँची, जहां ग्रामीणों ने “मनरेगा खत्म करना बंद करो” “वीबी-जी रैम जी योजना नहीं चलेगी”, “मनरेगा हमारा संवैधानिक अधिकार है” और “काम का अधिकार छीनना बंद करो” जैसे नारे लगाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया।
तत्पश्चात ग्राम करौंधा में सभा आयोजित की गई अभी को इस पदयात्रा के बारे जागरूक किया गया।।

साथ ही करौंधा बाजार भर में पदयात्रा निकल कर लोगों को मनरेगा बचाव के संदेश दी गई।
ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन और सम्मान से जीने का अधिकार है।

सभा को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र भगत ने कहा

कि वीबी-जी रैम जी योजना मनरेगा का विकल्प नहीं हो सकती। मनरेगा कानूनन गारंटीकृत रोजगार देता है, जबकि नई योजना ठेकेदारों, निजी एजेंसियों और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे सकती है। इससे गरीब, दलित, आदिवासी, महिलाएं और भूमिहीन मजदूर सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
         

             वरिष्ठ कांग्रेस नेता फरीद ने कहा

कि सरकार द्वारा मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलने की कोशिश गरीबों के रोजगार अधिकार पर सीधा हमला है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और मजदूरों की आजीविका पर संकट गहराएगा।

कार्यक्रम में युवा कांग्रेस पूर्व जिला सचिव सद्दाम खान, भूलसी सरपंच राजेश एक्का, वरिष्ठ सेवा दल यासीन खान, पंच लालू प्रसाद, प्रमोद राम मणि राम यादव, महिला से अग्नता टोप्पो मितानिन, अनीता भगत।
लरंगसाय, इस्तोफर, किशोर, सूचित, सलमाइट, यशोदा, प्रकाश, बिंदेश्वर, कौशल्या, दुर्गा भगत,सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को खत्म करने या उसकी जगह नई योजना थोपने की कोशिश जारी रही, तो ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत आंदोलन को गांव-गांव तक फैलाया जाएगा।

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