कॉलेज में किस चीज के लिए मनमोहन सिंह ने दोस्त से उधार मांगे थे 25 पाउंड, मिले सिर्फ 3

Samwad Chhattisgarh

 देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार (26 दिसंबर 2024) को 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है. उन्हें भारत में आर्थिक सुधारों और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार दो बार गठबंधन सरकार चलाने वाले कांग्रेस के पहले नेता के तौर पर याद किया जाएगा. मनमोहन सिंह अपने पीछे कई ऐसी कहानियां छोड़ गए, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को पता नहीं होगा.

दोस्त से उधार मांगे थे 25 पाउंड

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की जीवनी सीक्रेटली पर्सनल का जिक्र करते हुए उनकी बेटी ने पिता के अनसुने किस्से सुनाए. बेटी दमन सिंह के मुताबिक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में उनके पिता मनमोहन सिंह के पास उस समय ज्यादा पैसे नहीं हुआ करते थे. उन्होंने बताया कि एक समय तो ऐसा आ गया था कि उन्हें अपने दोस्त से 25 पाउंड उधार मांगने पड़े थे, लेकिन उनके दोस्त ने सिर्फ तीन पाउंड दिए थे.

7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 27 दिसंबर को पूर्व पीएम के अंतिम दर्शन के लिए तीन मोतीलाल नेहरू मार्ग जा सकते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर फिलहाल यहीं रखा हुआ है. भारत सरकार ने आज के लिए निर्धारित सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

आर्थिक नीति और कामों के लिए दुनिया करती थी सम्मान

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र के 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह को दुनिया भर में उनकी आर्थिक नीति और कामों के लिए सम्मान दिया जाता है. उन्होंने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में वर्ष 2004 से 2014 तक 10 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया. सिंह की 1990 के दशक की शुरुआत में भारत को उदारीकरण की राह पर लाने के लिए सराहना की गई, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों पर आंखें मूंद लेने के लिए भी उनकी आलोचना की गई.

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