✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻

कुसमी क्षेत्र में मेडिकल स्टोर, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण, अनियमितता मिलने पर दी गई चेतावनी

बलरामपुर/कुसमी। बलरामपुर कलेक्टर महोदया के आदेशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलरामपुर के निर्देशन में स्वास्थ्य, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कुसमी क्षेत्र में संचालित विभिन्न मेडिकल स्टोर, क्लीनिक एवं पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया गया।

संयुक्त निरीक्षण दल में स्वास्थ्य विभाग से खंड चिकित्सा अधिकारी एवं उनकी टीम, राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार तथा पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने क्षेत्र के अलग-अलग मेडिकल स्टोर, निजी क्लीनिक एवं पैथोलॉजी लैब में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं एवं संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों और मानकों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं एवं संचालन से संबंधित कमियां पाए जाने पर संबंधित संचालकों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों का संचालन निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।
अवैध संचालन पर होगी वैधानिक कार्रवाई
संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर, क्लीनिक एवं पैथोलॉजी लैब संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना आवश्यक अनुमति या वैध पंजीयन के किसी भी प्रकार का मेडिकल स्टोर, क्लीनिक अथवा पैथोलॉजी लैब संचालित करना नियमों के विपरीत है। इसी तरह बिना अधिकृत योग्यता एवं अनुमति के मरीजों का उपचार करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों ने संचालकों को आवश्यक दस्तावेज एवं निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विभाग की नजर
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रह सकती है।
संयुक्त टीम ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे उपचार के लिए अधिकृत एवं पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों का ही उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग को दें।
