बलरामपुर,,जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान।

Samwad Chhattisgarh

✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

स्वेच्छा से खिलौने दान कर आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्नों के चेहरे पर मुस्कान लाएं जिलेवासी -कलेक्टर

बलरामपुर, 14 सितंबर 2026/ जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले ‘‘सेवा संकल्प अभियान’’ के अंतर्गत आयोजित होने वाली विविध जनभागीदारी गतिविधियों की कड़ी में ‘‘आंगन मिलन सेवा (आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ सम्मान)’’ कार्यक्रम 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में जिले के सभी 2371 आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जनसहयोग से खिलौनों का वितरण किया जाएगा।


खिलौना दान इस आयोजन का सबसे आत्मीय पक्ष है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से किया आह्वान।

कि वे अपने घरों में उपलब्ध ऐसे सुरक्षित एवं उपयोगी खिलौने, जिनका उपयोग अब नहीं हो रहा है, आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को भेंट करें। जो नागरिक चाहें, वे स्वेच्छा से नए खिलौने भी बच्चों को दान कर उनकी खुशी में अपना योगदान दे सकते हैं। नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान – कोई भी 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच अपने निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचकर इस पहल का हिस्सा बन सकता है।

कलेक्टर ने अपनी अपील में कहा है कि आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं और इन्हें अधिक आनंदमय, आकर्षक तथा सीखने योग्य बनाने में समाज की सहभागिता निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि आपका छोटा सा सहयोग किसी बच्चे के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकता है और उसके सीखने की यात्रा को और समृद्ध कर सकता है।

बच्चों के लिए किया गया हर छोटा प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।
खिलौने बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का साधन नहीं होते। खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया, रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति, भाषा, सामाजिक व्यवहार और बौद्धिक विकास-इन सबकी नींव इन्हीं से पड़ती है।

जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाली ‘‘आंगन मिलन सेवा’’ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और खिलौना दान कर सेवा को संकल्प तथा संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान करें। यह पहल बच्चों के जीवन में खुशियां लाने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और अपनत्व की भावना को भी नई दिशा देगी।

जनसहयोग से मिले खिलौनों का उपयोग केन्द्रों में बच्चों के लिए आनंदमय और सीखने योग्य वातावरण तैयार करने में किया जाएगा।

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