✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

UCC पर रज़ा यूनिटी फाउंडेशन की दोहरी पहल: अंबिकापुर में समिति के सदस्यों को सुझाव सौंपे, रायपुर मुख्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया

13 प्रश्नों के अध्ययन के आधार पर मुस्लिम समाज की मांगों, धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक अधिकारों एवं मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े विषयों को उच्च स्तरीय समिति के समक्ष रखा
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code—UCC) से संबंधित विषयों पर मुस्लिम समाज का पक्ष प्रस्तुत करने के लिए दो चरणों में पहल की है। फाउंडेशन की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उच्च स्तरीय समान नागरिक संहिता समिति के सदस्यों को सुझाव दिए गए। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित समिति के मुख्य कार्यालय में विस्तृत सुझाव आवेदन के माध्यम से प्रस्तुत किए गए।
इस पहल के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा आयोजित ऑनलाइन सर्वे के 13 प्रश्नों का अध्ययन एवं समीक्षा करके मुस्लिम समाज की मांगों, धार्मिक मान्यताओं, संवैधानिक अधिकारों, इस्लामी शरीअत तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े विषयों पर लिखित पक्ष तैयार किया गया। फाउंडेशन का उद्देश्य संबंधित समिति के समक्ष समुदाय की चिंताओं और अपेक्षाओं को तर्कपूर्ण, तथ्यपरक तथा संवैधानिक तरीके से पहुँचाना है।
अंबिकापुर से रायपुर तक सुझाव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया
प्रथम चरण: 8 अक्टूबर 2026, अंबिकापुर
पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में उच्च स्तरीय समान नागरिक संहिता समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान रज़ा यूनिटी फाउंडेशन, अंबिकापुर की ओर से समिति के सदस्यों को UCC से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर मुस्लिम समाज से जुड़े धार्मिक, कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं को संबंधित पदाधिकारियों के संज्ञान में लाने का प्रयास किया गया।
द्वितीय चरण: 12 अक्टूबर 2026, रायपुर
अंबिकापुर में सुझाव प्रस्तुत करने के बाद फाउंडेशन की समान नागरिक संहिता जागरूकता एवं जनसंवाद समिति की ओर से रायपुर स्थित उच्च स्तरीय समान नागरिक संहिता समिति के मुख्य कार्यालय में विधिवत आवेदन सौंपा गया।
आवेदन प्रस्तुत करने का कार्यालयीन पता:
उच्च स्तरीय समिति, समान नागरिक संहिता
कक्ष क्रमांक 201, 202 एवं 203
न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन,
रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001।
इन दोनों चरणों के माध्यम से संगठन ने UCC से संबंधित विषयों पर अपनी बात संबंधित समिति तक पहुँचाने और संवैधानिक प्रक्रिया में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया।
13 प्रश्नों की समीक्षा के बाद तैयार किया गया लिखित पक्ष
राज्य सरकार के ऑनलाइन सर्वे में शामिल 13 प्रश्नों का विस्तृत अध्ययन करके सुझावों को व्यवस्थित रूप दिया गया। रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों, धार्मिक स्वतंत्रता, पारिवारिक व्यवस्था, सामाजिक प्रभाव तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ से संबंधित पहलुओं पर विचार किया गया।
सुझावों की समीक्षा में समिति के संयोजक शादाब आलम रज़वी, कार्यकारी अध्यक्ष एडवोकेट नौशाद सिद्दीकी, अध्यक्ष इंजीनियर मोहम्मद फहीम हक्कानी तथा जनसंवाद समन्वयक डॉ. इक़बाल अंसारी सहित विधिक, इस्लामी एवं सामाजिक सलाहकारों ने अपनी विशेषज्ञता के अनुसार योगदान दिया।
फाउंडेशन का प्रयास रहा कि प्रस्तुत सामग्री में समुदाय की भावनाओं के साथ-साथ कानूनी तथ्यों, संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक वास्तविकताओं को भी उचित स्थान दिया जाए।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल कर गठित की गई समिति
UCC से संबंधित विषयों के अध्ययन, जन-जागरूकता और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के लिए रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से वरिष्ठ अधिवक्ताओं, इंजीनियरों, डॉक्टरों, इस्लामी विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों को शामिल करते हुए समान नागरिक संहिता जागरूकता एवं जनसंवाद समिति का गठन किया है।
समिति में निम्नलिखित पदाधिकारी एवं सलाहकार शामिल हैं:
1. संरक्षक
सीनियर एडवोकेट अल्हाज अब्दुल रशीद सिद्दीकी — वरिष्ठ अधिवक्ता, सरगुजा, छत्तीसगढ़।
समिति को मार्गदर्शन, संरक्षण एवं आवश्यक परामर्श प्रदान करना।
2. अध्यक्ष
इंजीनियर मोहम्मद फहीम हक्कानी — इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंजीनियर, रायपुर, छत्तीसगढ़।
संगठनात्मक गतिविधियों का नेतृत्व करना तथा निर्धारित कार्ययोजना की निगरानी करना।
3. कार्यकारी अध्यक्ष
एडवोकेट नौशाद सिद्दीकी — अधिवक्ता, जिला न्यायालय, सरगुजा, छत्तीसगढ़।
समिति के कार्यक्रमों के संचालन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में अध्यक्ष का सहयोग करना।
4. संयोजक
शादाब आलम रज़वी — सामाजिक कार्यकर्ता, सरगुजा, छत्तीसगढ़।
सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित करना, गतिविधियों की योजना बनाना और कार्यों के क्रियान्वयन में सहयोग देना।
5. विधिक सलाहकार
– सीनियर एडवोकेट हामिदा सिद्दीकी — उप महाधिवक्ता (Deputy Advocate General), उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर।
– सीनियर एडवोकेट सिहारा खान — सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, दिल्ली एवं उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर से संबद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता।
संवैधानिक प्रावधानों, UCC से संबंधित कानूनी प्रश्नों, न्यायिक दृष्टांतों एवं विधिक प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन प्रदान करना।
6. इस्लामिक सलाहकार
– मौलाना इस्लाम बख्श मिस्बाही — नायब इमाम, जामा मस्जिद, जगदलपुर, बस्तर।
– मुफ्ती मुकीउद्दीन अंसारी — इमाम एवं वरिष्ठ उस्ताद, रामानुजगंज, बलरामपुर।
– मौलाना इरफान मिस्बाही — इमाम एवं उस्ताद, पोंडी, कवर्धा।
– मौलाना शब्बीर अहमद नूरी — बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
इस्लामी शरीअत, मुस्लिम पारिवारिक कानून, धार्मिक मान्यताओं एवं पर्सनल लॉ से जुड़े प्रश्नों पर मार्गदर्शन देना।
7. सामाजिक सलाहकार
– डॉ. अमीन रिज़वी — सदस्य, मुस्लिम पर्सनल लॉ (जदीद), लखनऊ एवं कोरबा, छत्तीसगढ़।
– डॉ. नौशीन रज़ा — महिला सामाजिक कार्यकर्ता, बिलासपुर।
– मोहम्मद अमीन — ब्यूरो चीफ, अमृत संदेश अखबार, धमतरी।
– बाहाउद्दीन अहमद — सामाजिक कार्यकर्ता एवं बस्तर संभाग मुस्लिम समाज (BSMS) के संस्थापक सदस्य, बस्तर।
– जावेद अंसारी — सदर, हनफी मस्जिद, गोल बाजार, राजनांदगांव।
सामाजिक परिस्थितियों, समुदाय की अपेक्षाओं, जन-जागरूकता और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद के विषय में सुझाव देना।
8. प्रवक्ता
एडवोकेट नसीमुद्दीन अंसारी — वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
समिति का अधिकृत पक्ष मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुत करना तथा आधिकारिक वक्तव्यों का समन्वय करना।
9. जनसंवाद समन्वयक
डॉ. इक़बाल अंसारी — बलरामपुर, छत्तीसगढ़।
धार्मिक विद्वानों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करना।
10. मीडिया प्रभारी
दिले़र अंसारी — सामाजिक कार्यकर्ता, सूरजपुर, छत्तीसगढ़।
प्रेस विज्ञप्तियों, मीडिया समन्वय, संगठन की गतिविधियों के प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया संचार का दायित्व संभालना।
संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के संदर्भ में UCC पर विमर्श
समान नागरिक संहिता का विषय भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और पारिवारिक कानूनों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाता है। इस विषय पर चर्चा करते समय संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित कानून के समक्ष समानता, अनुच्छेद 25 में धार्मिक स्वतंत्रता, अनुच्छेद 26 में धार्मिक संप्रदायों के अधिकारों तथा अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता के संबंध में राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत को ध्यान में रखना आवश्यक है।
इन प्रावधानों का कानूनी प्रभाव संबंधित कानूनों, परिस्थितियों और न्यायिक व्याख्याओं के आधार पर निर्धारित होता है। इसलिए फाउंडेशन का कहना है कि UCC से जुड़े किसी भी प्रस्ताव का मूल्यांकन संवैधानिक व्यवस्था, कानूनी तथ्यों और समाज पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के आधार पर किया जाना चाहिए।
संगठन के अनुसार, मुस्लिम समाज से संबंधित धार्मिक एवं पारिवारिक कानूनों के विषय में समुदाय की चिंताओं को सुनना और उन्हें संबंधित मंच पर प्रस्तुत करना संवाद की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी नीतिगत निर्णय पर विचार करते समय सभी संबंधित पक्षों की बात सुनने तथा उनके तर्कों का निष्पक्ष परीक्षण करने से लोकतांत्रिक सहभागिता को बल मिलता है।
जन-जागरूकता और संवाद को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन की यह पहल केवल आवेदन प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं है। संगठन UCC से संबंधित कानूनी जानकारी को आम लोगों तक पहुँचाने, समाज में फैली शंकाओं का तथ्यपरक समाधान करने और विधि विशेषज्ञों तथा धार्मिक विद्वानों के माध्यम से विषय की समझ विकसित करने के लिए प्रयासरत है।
इस दिशा में आवश्यकतानुसार जनसंवाद बैठकें, जागरूकता कार्यक्रम, विधिक चर्चाएँ और सूचना सामग्री का प्रसार जैसे कार्य किए जा सकते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों को कानून से संबंधित विषयों की जानकारी देना और उन्हें अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना है।
फाउंडेशन का मानना है कि गंभीर सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर चर्चा शांति, आपसी सम्मान, संवैधानिक मर्यादा और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद कायम करना और कानूनी जानकारी को सुलभ बनाना इस अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन का आधिकारिक वक्तव्य
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने कहा कि समान नागरिक संहिता से जुड़े विषयों पर मुस्लिम समाज की चिंताओं, संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ से संबंधित पहलुओं को संबंधित समिति के समक्ष प्रस्तुत करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुझाव देने और रायपुर मुख्यालय में आवेदन प्रस्तुत करने के माध्यम से संगठन ने अपनी बात निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत पहुँचाई है। फाउंडेशन का प्रयास है कि UCC से जुड़े प्रश्नों पर गंभीर अध्ययन, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और समाज की भागीदारी के साथ विचार-विमर्श आगे बढ़े।
संगठन ने स्पष्ट किया कि वह कानूनी जागरूकता, शांतिपूर्ण जनसंवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से अपनी बात रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
जारीकर्ता:
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन
समान नागरिक संहिता जागरूकता एवं जनसंवाद समिति
कार्यालय:
G-15, सेक्टर-1, कमल विहार,
रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001।
