कुसमी,,नगर पंचायत कुसमी की महिलाएं पत्तों से दोना पत्तल बना कर बन रहीं हैं आत्मनिर्भर,,

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ कुसमी बलरामपुर/

Balrampur,कुसमी नगर की महिलाएं पत्तों से दोना पत्तल बना कर बन रहीं हैं आत्मनिर्भर

कुसमी नगर की महिलाएं साल केे पत्ते से दोना-पत्तल बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। त्यौहारों, पूजा-पाठ में भी शुद्धता के लिए सराई के पत्ते से बने दोना-पत्तल का भी उपयोग किया जाता है। नगर पंचायत द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए दोना पत्तल के व्यवसाय से जोड़ा गया है। समूह की 10- 10 महिलाएं मिल करके दोना-पत्तल बनाने का कार्य कर रही हैं और विक्रय से इनको अच्छा-खासा मुनाफा मिलता है। रोशनी व चंचल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दोना-पत्तल बनाने की कार्य कर रही हैं।

इसकी मांग भी स्थानीय होटल, हाट-बाजार और दुकानों में भी रहती है और महिलाओं के हाथों से बनाए गए दोना-पत्तल हाथों-हाथ विक्रय हो जाता है। अधिकांश लोग शादी समारोह, सामाजिक कार्यक्रम एवं छोटे-मोटे कार्यक्रम में भी उपयोग करते हैं। कीमत कम होने के कारण इसका मांग भी हमेशा बनी रहती है और लगातार इसकी मांग बढ़ रही है। सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेते हुए महिलाओं की ओर से स्वयं सहायता समूह चलाए जा रहे हैं। इसमें वह स्वयं काम कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका दे रही हैं ताकि अन्य महिलाओं को किसी के भरोसे न रहना पड़े और वह स्वयं का काम करते हुए अपना व परिवार का भरण पोषण कर सकें।


,,,,,,,स्वयं और समाज के लिए खड़ा होना चाहिए,,,,,,,,

रोशनी और चंचल स्वयं सहायता समूह की दोनों समूहों में करीब 10-10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो हर काम में हाथ बढ़ाती हैं। कभी सुख-दुख आता है तो उसमें भी शामिल होकर मदद करती हैं। समूह की महिलाओं कहती है कि महिलाओं को स्वयं के लिए और समाज के लिए खड़े रहना चाहिए। समाज में महिलाओं को आगे बढ़ना चाहिए और आत्मनिर्भर होना चाहिए। इसके तहत हम अपने विभिन्न कार्य भी कर रही हैं। अब अपना काम करके हम महिलाओं को काफी अच्छा लगता है। हमारा मानना है कि सभी महिलाओं को कुछ न कुछ काम जरूर करना चाहिए और अपने आप को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए।


सी एम ओ अरविंद कुमार विश्वकर्मा,,महिलाएं आत्मनिर्भर की ओर हो रही अग्रसर

कुसमी नगर पंचायत के सीएमओ अरविन्द कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि समूह के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहीं हैं तथा नए रोजगार के साधन अपना कर आर्थिक रूप से सम्पन्न बन रही है। इस प्रकार की रोजगार परक गतिविधियों को सरकार की तरफ से भरपूर सहयोग एवं सहायता प्रदान की जा रही हैं।

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