कुसमी ,,मनरेगा खत्म करने की साजिश के खिलाफ कंचनटोली में उबाल, ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत ग्रामीणों की जोरदार रैली का आयोजन।

Samwad Chhattisgarh

संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/9111740798

कुसमी,,मनरेगा खत्म करने की साजिश के खिलाफ कंचनटोली में उबाल, ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत ग्रामीणों की जोरदार रैली-सभा ।

मनरेगा हमारा अधिकार है: वीबी-जी रैम जी योजना के विरोध में जगह जगह में किया जा रहा विशाल जन आंदोलन
कुसमी। मनरेगा को कमजोर कर उसकी जगह भाजपा सरकार द्वारा लाई जा रही तथाकथित (वीबी-जी रैम जी) विकसित भारत-रोज़गार की गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के खिलाफ ग्राम कंचनटोली में ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुसमी के तत्वाधान में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के बैनर तले रैली व जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए।

रैली गांव के विभिन्न टोलों से निकलकर सभा स्थल पर पहुँची, जहां ग्रामीणों ने “मनरेगा खत्म करना बंद करो” “वीबी-जी रैम जी योजना नहीं चलेगी”, “मनरेगा हमारा संवैधानिक अधिकार है” और “काम का अधिकार छीनना बंद करो” जैसे नारे लगाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन और सम्मान से जीने का अधिकार है।


सभा को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र भगत ने कहा_

कि वीबी-जी रैम जी योजना मनरेगा का विकल्प नहीं हो सकती। मनरेगा कानूनन गारंटीकृत रोजगार देता है, जबकि नई योजना ठेकेदारों, निजी एजेंसियों और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे सकती है। इससे गरीब, दलित, आदिवासी, महिलाएं और भूमिहीन मजदूर सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मुजस्सम नजर ने कहा

कि सरकार द्वारा मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलने की कोशिश गरीबों के रोजगार अधिकार पर सीधा हमला है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और मजदूरों की आजीविका पर संकट गहराएगा।

कार्यक्रम में पीसीसी सदस्य सोनू अली, नगर पालिका पार्षद विनीता भगत, पूर्व पार्षद क्षत्रपति प्रजापति, बूथ प्रभारी कार्तिक उराव, मानेश्वर राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को खत्म करने या उसकी जगह नई योजना थोपने की कोशिश जारी रही, तो ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत आंदोलन को गांव-गांव तक फैलाया जाएगा।

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