बलरामपुर,,छत्तीसगढ़ की ऊंची चोटी गौर लाटा से मुंबई की 11 वर्षीय बालिका ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का परदेस वासियों को दिया संदेश।

Samwad Chhattisgarh

बलरामपुर,,मुंबई की नन्हीं पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने फतह की छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी ‘गौरलाटा’, ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ का दिया संदेश

✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज कुसमी बलरामपुर/


कुसमी/बलरामपुर। देश की उभरती हुई कम उम्र की पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी ‘गौरलाटा पीक’ पर सफल चढ़ाई कर एक और कीर्तिमान रच दिया!मुंबई, महाराष्ट्र की रहने वाली ग्रिहिता के साथ इस अभियान में उनके पिता सचिन विचारे भी मौजूद रहे!

“बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” का संदेश लेकर चल रही ग्रिहिता कम उम्र में ही एवरेस्ट बेस कैंप, अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो और मलेशिया की माउंट किनाबालु जैसे कठिन अंतर्राष्ट्रीय अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं!

सरपंच संघ के अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने ग्रिहिता का आत्मीय स्वागत कर मार्गदर्शन व सहयोग व दिया बधाई।

उन्होंने ग्रिहिता को भविष्य में माउंट एवरेस्ट फतह करने की शुभकामनाएं देते हुए कहा, _”ऐसी प्रतिभाएं देश का गौरव हैं। ये युवाओं को साहस, अनुशासन और प्रकृति प्रेम की प्रेरणा देती हैं। ऐसे अभियान छत्तीसगढ़ के पर्वतीय क्षेत्रों को राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं!

ग्रिहिता की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों व पर्वतारोहण प्रेमियों ने हर्ष जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है!

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