✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

शिक्षक दिवस पर बलरामपुर की अमृता निकुंज को राज्यपाल शिक्षक सम्मान
लोकभवन में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना
बलरामपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित लोकभवन में आयोजित गरिमामय समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्य करने वाले शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले की प्राथमिक शाला बाजारपारा में पदस्थ प्रधान पाठक श्रीमती अमृता निकुंज को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदान किया गया।
अमृता निकुंज ने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत करीब शिक्षक दिवस पर बलरामपुर की अमृता निकुंज को राज्यपाल शिक्षक सम्मान18 वर्ष पूर्व राजपुर क्षेत्र की एक दूरस्थ एवं पहाड़ी, पहाड़ी कोरवा बहुल बस्ती से की थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ पढ़ाई को रुचिकर और सरल बनाने के लिए विभिन्न नवाचारों को अपनाया।
बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षा देने पर रहा विशेष जोर
प्रधान पाठक अमृता निकुंज का विशेष जोर बच्चों को पारंपरिक तरीके के साथ-साथ गतिविधि आधारित एवं रोचक माध्यमों से शिक्षा प्रदान करने पर रहा। उन्होंने बच्चों की रुचि और उनकी सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए शिक्षण प्रक्रिया में विभिन्न नवाचारों को शामिल किया। इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय के वातावरण में देखने को मिला।
उन्होंने विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा सीखने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए। साथ ही बच्चों के अभिभावकों से निरंतर संपर्क स्थापित कर उन्हें बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य भी किया।
अभिभावकों से निरंतर संवाद को बनाया शिक्षा का मजबूत आधार
अमृता निकुंज का मानना रहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
इसी सोच के साथ उन्होंने अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखा और बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति एवं शैक्षणिक प्रगति के संबंध में संवाद किया। दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी उन्होंने विशेष प्रयास किए।
उनके इन्हीं समर्पित प्रयासों, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धति और बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को देखते हुए उन्हें पहले भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2023 में उन्हें मुख्यमंत्री शिक्षा दूत सम्मान से भी नवाजा गया था।
18 वर्षों की सेवाभावना को मिला राज्य स्तर पर सम्मान
करीब 18 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सेवाएं दे रहीं अमृता निकुंज ने दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र से लेकर वर्तमान पदस्थापना तक बच्चों के सर्वांगीण विकास को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तर पर मिले इस सम्मान से बलरामपुर जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। अमृता निकुंज के सम्मान को जिले के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
श्री संजय श्रीवास्तव को भी मिला राज्य शिक्षक सम्मान
इसी समारोह में श्री संजय श्रीवास्तव को भी उनके उत्कृष्ट शिक्षकीय कार्यों के लिए राज्य शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर एक ही मंच से राज्य के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिसमें बलरामपुर से अमृता निकुंज और संजय श्रीवास्तव का सम्मान जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
राज्य स्तर पर मिले इस सम्मान से शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। दोनों शिक्षकों के सम्मान को शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
