
धान खरीदी की तैयारियां तेज, उपार्जन केंद्रों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

बारदाने से लेकर मॉइस्चर मीटर और माप-तौल यंत्रों तक की जांच, किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर
✍️✍️संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍️✍️
बलरामपुर, 06 नवंबर 2026। आगामी खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों, जरूरी दस्तावेजों और किसानों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया जा रहा है।
इसी कड़ी में उप संचालक पंचायत एवं जिला अंकेक्षक द्वारा जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़का गांव स्थित धान उपार्जन केंद्र एवं गोदाम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने धान खरीदी के लिए उपलब्ध बारदानों की स्थिति का जायजा लिया। केंद्र में वर्तमान में 15 हजार नए बारदाने तथा 1,200 पीडीएस बारदाने उपलब्ध पाए गए।
अधिकारियों ने उपार्जन केंद्र में संधारित आवश्यक दस्तावेजों एवं अभिलेखों का अवलोकन किया। इसके साथ ही धान की गुणवत्ता जांचने के लिए उपयोग किए जाने वाले आर्द्रता मापी यंत्र (मॉइस्चर मीटर) तथा माप-तौल उपकरणों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी उपकरण सही स्थिति में एवं उपयोग के लिए तैयार रहें, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान केंद्र परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थित रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को परिसर को स्वच्छ रखने तथा खरीदी से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा चेरा, डिंडो एवं डुमरपान धान उपार्जन केंद्रों का भी निरीक्षण कर वहां की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने केंद्र प्रभारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। किसानों के बैठने, धान की गुणवत्ता जांच, माप-तौल, बारदानों की उपलब्धता और अन्य जरूरी सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी की तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि खरीदी प्रक्रिया निर्धारित समय पर व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।

