✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

सेवा संकल्प अभियान: ‘‘आंगन मिलन सेवा’’ से पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता के केन्द्र बनेंगे जिले के 2371 आंगनबाड़ी केन्द्र
25 सितम्बर से 07 अक्टूबर तक चौपाल, मातृ संवाद, न्योता भोज एवं सम्मान समारोह का सिलसिला
बलरामपुर, 18 सितंबर 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शासन के निर्देशानुसार संचालित ‘‘सेवा संकल्प अभियान’’ के अंतर्गत जिले के समस्त 2371 आंगनबाड़ी केन्द्रों में ‘‘आंगन मिलन सेवा’’ की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य जनहित के प्रति जागरूकता बढ़ाना, विकसित भारत-2047 के लिए नागरिक संकल्प लेना, केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना तथा हर परिवार की सक्रिय भागीदारी से व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में 25 सितम्बर, 28 सितम्बर एवं 07 अक्टूबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान की शुरूआत 25 सितम्बर को ष्आंगन मिलन सेवा चौपालष् से होगी, जिसमें हितग्राही माताओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, अभिभावकों, मितानिनों तथा जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी। चौपाल में पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ‘‘मेरी पौष्टिक थाली’’ का प्रदर्शन कर संतुलित आहार के महत्व से अवगत कराया जाएगा। परिवार घर पर ही पौष्टिक भोजन तैयार कर सकें, इसके लिए व्यंजनों की विधि भी दिखाई जाएगी। इस अवसर पर बच्चों के लिए मनोरंजक खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर मिठाई तथा फल वितरित किए जाएंगे, स्वास्थ्य एवं पोषण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता होगी और स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के माध्यम से दो सुपोषित शिशुओं एवं उनकी माताओं का सम्मान किया जाएगा। साथ ही केन्द्रों में पोषण वाटिका विकसित करने तथा प्रत्येक घर में इसे अपनाने के लिए समुदाय को प्रेरित किया जाएगा, बच्चों के लिए खिलौने एवं खेल सामग्री दान करने का आह्वान होगा, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं, बच्चों एवं गर्भवती माताओं की जांच तथा टीकाकरण किया जाएगा और जनप्रतिनिधियों के हाथों कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को सम्मानित किया जाएगा। महतारी वंदन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थी अपने अनुभव समुदाय के समक्ष साझा करेंगे।
दूसरे चरण में 28 सितम्बर को ष्मातृ संवाद एवं न्योता भोजष् का आयोजन होगा। इसमें गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं, स्थानीय महिला जनप्रतिनिधियों तथा बच्चों की माताओं को आमंत्रित कर बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी जाएगी और अनुभवों का आदान-प्रदान होगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र हितग्राहियों का पंजीयन भी किया जाएगा। स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को पौष्टिक आहार के रूप में अपनाने हेतु उनकी निर्माण विधि तथा विविध खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता एवं उपयोग की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं के लिए रंगोली, मेहंदी, व्यंजन एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। समुदाय की भागीदारी से प्रत्येक केन्द्र में बच्चों के लिए स्वादिष्ट ‘‘न्योता भोज’’ परोसा जाएगा, जिसमें गर्म भोजन, खीर, पूरी अथवा हलवा, स्थानीय फल एवं प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल रहेंगे।
तीसरे एवं अंतिम चरण में 07 अक्टूबर को विकासखंड तथा परियोजना स्तर पर ‘‘आंगन मिलन सेवा सम्मान’’ कार्यक्रम होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, हितग्राही माताओं, अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को शामिल किया जाएगा। इस मौके पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी अपने अनुभव प्रस्तुत करेंगे, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं एवं बच्चों के लिए जांच शिविर लगाया जाएगा तथा महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग स्वयं एवं बच्चों के पोषण पर करने वाली पाँच माताओं को ‘‘पोषण शक्ति सम्मान’’ से प्रोत्साहित किया जाएगा।
विभाग का प्रयास है कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण एवं बाल विकास तक सीमित न रहकर जनसंवाद, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, बाल सुरक्षा, सामुदायिक सहभागिता तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी के प्रभावी मंच के रूप में विकसित हों। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी केन्द्र के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें, बच्चों के लिए खिलौने एवं खेल सामग्री दान करें, पोषण वाटिका विकसित करने में सहयोग दें तथा ‘‘सेवा संकल्प अभियान’’ को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करने में अपनी भूमिका निभाएं।
