✍️✍️ संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍️✍️

कुसमी,,डीआर एरियर्स नहीं मिलने से पेंशनरों में भारी आक्रोश, आदेश की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

एक जनवरी 2026 से मिलने वाला महंगाई राहत (डीआर) एक नवंबर से लागू करने के फैसले पर नाराजगी, दस माह का एरियर्स देने की मांग

कुसमी। भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को पेंशनरों ने शासन द्वारा जारी महंगाई राहत (डीआर) संबंधी आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया। श्री विनोद कुमार सिन्हा, सेवानिवृत्त शिक्षक की अध्यक्षता में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने आदेश की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जाहिर किया और शासन से एक जनवरी 2026 से महंगाई राहत का एरियर्स देने की मांग की।
पेंशनरों का कहना है कि शासन द्वारा महंगाई राहत (डीआर) का लाभ एक जनवरी 2026 से दिया जाना था, लेकिन जारी आदेश के अनुसार इसे एक नवंबर 2026 से लागू किया जा रहा है। इसके चलते जनवरी से अक्टूबर 2026 तक के दस माह के एरियर्स का भुगतान नहीं किया जा रहा है। पेंशनरों ने इस फैसले को अपने साथ आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए नाराजगी जताई।
प्रदर्शन में शामिल पेंशनरों ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष शासन की सेवा में समर्पित कर चुके हैं। इसके बावजूद महंगाई राहत जैसे आर्थिक लाभों के भुगतान में देरी और एरियर्स नहीं दिए जाने से उन्हें लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय-समय पर इस तरह के निर्णयों से पेंशनरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पेंशनरों ने मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में पेंशनरों के लिए महंगाई राहत बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जनवरी 2026 से देय डीआर को नवंबर से लागू करना और पिछले दस महीनों का एरियर्स नहीं देना पेंशनरों के हितों के विपरीत है।
भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से पेंशनरों ने सरकार से मांग की कि एक जनवरी 2026 से देय महंगाई राहत के एरियर्स भुगतान के लिए तत्काल संशोधित आदेश जारी किया जाए तथा जनवरी से अक्टूबर 2026 तक की बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शासन द्वारा गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो उनका विरोध आगे भी जारी रह सकता है। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की।

