
बलरामपुर,,कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय ने देर शाम जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण।

मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रभाव के बीच स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का बारीकी से लिया जायजा, राजस्व अमला सक्रिय

✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻
बलरामपुर 12 सितंबर 2026/ मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए मरीजों को त्वरित एवं समुचित उपचार सुलभ कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशों के अनुपालन में अपर कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय ने देर शाम जिला चिकित्सालय बलरामपुर पहुँचकर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं, वार्डों की स्थिति, रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात अमले की उपस्थिति तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में रात्रिकालीन ड्यूटी पर डॉक्टर श्री सुबोध सिंह उपस्थित पाए गए। आपातकालीन वार्ड में सर्पदंश के एक मरीज सहित कुल 06 मरीज भर्ती मिले, जिनकी स्थिति सामान्य पाई गई तथा सभी का समुचित उपचार जारी था। इसके पश्चात् अपर कलेक्टर ने मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड एवं ओपीडी विभाग का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उपस्थित अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर श्री पाण्डेय ने जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने, अस्पताल परिसर तथा वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने एवं मरीजों और उनके परिजनों के लिए पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाएँ दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय पहुँचने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार मिलना सुनिश्चित हो, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अमले को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए भी प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी के लिए राजस्व अमले को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आगे भी जिला चिकित्सालय सहित विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य संस्थाओं का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को प्राथमिकता से दूर कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और दुरुस्त किया जाएगा, जिससे जिले के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा की पहुँच सुनिश्चित हो सके।
