कुसमी नगर पंचायत के वार्ड-14 में सिस्टम से नाराज वार्डवासियों ने खुद संभाली सड़क की कमान, चंदा जुटाकर कर डाली मुर्मीकरण सड़क का निर्माण।

Samwad Chhattisgarh

कुसमी नगर पंचायत के वार्ड-14 में सिस्टम से नाराज वार्डवासियों ने खुद संभाली सड़क की कमान, चंदा जुटाकर कर डाली मुर्मीकरण सड़क का निर्माण।

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सड़क निर्माण, वार्डवासियों ने करीब 30 हजार रुपये जुटाकर खुद कराया सड़क का कार्य।

कुसमी। नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 14 में सड़क की बदहाली को लेकर वार्डवासियों का आक्रोश आखिरकार सामने आ गया। वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों ने जब बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होते देखी, तो उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का इंतजार छोड़कर खुद ही सड़क की तस्वीर बदलने का फैसला कर लिया।

वार्डवासियों ने आपसी सहयोग से करीब 30 हजार रुपये चंदा जुटाया और मुरम डालकर सड़क का मरम्मतीकरण करा दिया।

वार्डवासियों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब थी। बारिश के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा बदतर हो जाती है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों तक को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं।

वार्डवासियों के मुताबिक, सड़क निर्माण को लेकर कई बार वार्ड पार्षद और नगर पंचायत के अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।जबकि जो पार्षद लगातार 03 योजनाओं से वार्ड 14 की सम्हाली है कमान,आखिरकार लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और करीब 30 हजार रुपये की राशि जुटाकर सड़क पर मुरम डलवाकर उसे चलने लायक बनाया।

पार्षद बोले- कई बार की मांग, पार्षद मद से काम कराने की भी कही थी बात

इस मामले में वार्ड पार्षद धीरजन उरांव ने बताया कि उन्होंने वार्ड की सड़क निर्माण को लेकर कई बार नगर पंचायत के सीएमओ से मांग की थी। पार्षद का कहना है कि उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा था कि यदि नगर पंचायत स्तर से तत्काल काम नहीं हो पा रहा है, तो पार्षद मद की राशि से मुरम सड़क का काम कराया जाए। हालांकि, उनके मुताबिक सीएमओ ने यह कहते हुए अनुमति नहीं दी कि पार्षद मद से मोरम सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सकता।

सीएमओ बोले- प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया, टेंडर के बाद होगा निर्माण।

वहीं, मामले को लेकर नगर पंचायत कुसमी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि सड़क निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इसके बाद सड़क निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
सवाल यह कि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने तक वार्डवासी कब तक करें इंतजार?

फिलहाल वार्डवासियों द्वारा खुद चंदा जुटाकर सड़क पर मुरम डलवाने की यह तस्वीर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। वार्डवासियों का कहना है कि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक उन्हें खराब सड़क पर चलने की मजबूरी रहती। इसी परेशानी से निजात पाने के लिए लोगों ने अपनी जेब से पैसे खर्च कर सड़क को अस्थायी रूप से चलने लायक बनाया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब वार्डवासियों को अपनी मूलभूत सुविधा के लिए खुद ही चंदा जुटाना पड़े, तो नगर पंचायत की जिम्मेदारी आखिर किसके लिए है? हालांकि, नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण का प्रस्ताव प्रक्रिया में है और स्वीकृति के बाद नियमानुसार निर्माण कराया जाएगा।

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