
ग्राम पंचायत नवाडीह कला में जांच के दौरान हंगामा, ग्रामीणों के विरोध के बाद लौटी जांच टीम, अब 11 अगस्त को होगी सार्वजनिक जांच

✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़
बलरामपुर/कुसमी/चांदो | जन दरबार न्यूज़
विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाडीह कला में कथित वित्तीय अनियमितताओं एवं बिना प्रशासनिक स्वीकृति के कराए गए विकास कार्यों की जांच करने पहुंचे अधिकारियों को ग्रामीणों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध के चलते जांच दल मौके पर विस्तृत जांच किए बिना वापस लौट गया। अधिकारियों ने अब 11 अगस्त 2026 (मंगलवार) को सभी पक्षों की उपस्थिति में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व में प्रकाशित समाचारों एवं प्राप्त शिकायतों के आधार पर 4 अगस्त 2026 को जांच अधिकारी ग्राम पंचायत पहुंचे थे। आरोप है कि सरपंच एवं सचिव द्वारा बिना किसी सार्वजनिक सूचना या मुनादी के गोपनीय तरीके से जांच कराने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की शासकीय राशि पर गांव के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इसलिए किसी भी विकास कार्य की जांच बंद कमरे में नहीं, बल्कि सभी ग्रामीणों की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए। उनका कहना है कि सरकारी धन से कराए गए कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता आवश्यक है।
शिकायतकर्ताओं ने पंचायत में कराए गए मुरमीकरण कार्यों की जांच की मांग की है, जिनमें शनिराज घर से बरासीन तालाब तक ₹1.60 लाख, कपिल घर से दिलीप घर तक ₹1.40 लाख, नावा साय घर से छापर टोली स्कूल तक ₹90 हजार तथा सूबेदार घर से सरबदाहा नाला तक ₹80 हजार के कार्य शामिल हैं। इसके अलावा सितंबर 2025 में कराए गए मुरमीकरण एवं तालाब समतलीकरण कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया एवं कथित अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों के विरोध और हंगामे के कारण जांच अधिकारी मौके पर विस्तृत जांच नहीं कर सके। स्थिति को देखते हुए जांच प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अब 11 अगस्त 2026 को पुनः जांच की जाएगी, जिसमें सभी ग्रामीण, शिकायतकर्ता, 20 वार्ड पंच, सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी ताकि जांच पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके।
सरपंच एवं सचिव का पक्ष: इस समाचार में प्रकाशित आरोप शिकायतकर्ताओं एवं ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक सरपंच एवं सचिव का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों के समक्ष दोनों पक्षों की जानकारी उपलब्ध हो सके।
