बलरामपुर,, चक्रवात से निपटने की तैयारी के साथ गिरदावरी और राज्योत्सव की हुई समीक्षा बैठक।

Samwad Chhattisgarh

✍🏻✍🏻 संपादक जसीम खान संवाद छत्तीसगढ़ कुसमी बलरामपुर ✍🏻✍🏻

समय-सीमा की बैठक: चक्रवात से निपटने की तैयारियों के साथ गिरदावरी और राज्योत्सव की हुई समीक्षा

शत-प्रतिशत त्रुटिरहित गिरदावरी के कलेक्टर ने दिये निर्देश

फसल रिकॉर्ड की सटीकता के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, खसरों का करेंगे भौतिक सत्यापन

सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर हाई स्कूल ग्राउंड पर मनाया जायेगा राज्योत्सव

बलरामपुर, 26 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आहूत की गई। बैठक में चक्रवात के प्रभाव से संभावित वर्षा, गिरदावरी कार्य तथा राज्योत्सव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल करने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान है तथा कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संभावित स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने राजस्व अमले और आपदा प्रबंधन टीम को हर समय अलर्ट मोड पर रहकर जलभराव एवं बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुँचाई जाए।

कलेक्टर ने जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखते हुए मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने को कहा। राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, स्वास्थ्य और विद्युत सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। निचले एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने तथा एसडीआरएफ, होमगार्ड व अन्य बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखने को कहा गया। जलाशयों और बांधों के जलस्तर की नियमित निगरानी के साथ पानी छोड़े जाने की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सूचना देने पर भी विशेष जोर दिया गया। जलभराव एवं जोखिम वाले क्षेत्रों में आमजन को सतर्क करने के लिए लगातार मुनादी कराने तथा किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रहने, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास न जाएँ तथा डूबे हुए रास्तों, पुल-पुलियों और बैरियर लगे स्थानों को पार करने का प्रयास न करें। गिरे हुए बिजली के तारों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें, बिना आवश्यकता विशेषकर रात में यात्रा से बचें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। आपात स्थिति में डायल 112, जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 07831-273002 अथवा स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने मौसम एवं राहत संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने और अफवाहों से दूर रहने का आग्रह किया।

बैठक में गिरदावरी एवं ई-गिरदावरी कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसे शत-प्रतिशत त्रुटिरहित पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बहुस्तरीय सत्यापन की इस व्यवस्था से फसल रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित होगी और किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक फसल स्थिति के आधार पर मिल सकेगा।
राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में खसरों के भौतिक सत्यापन की शुरुआत कर दी गई है, जिसके तहत जिला, अनुभाग एवं तहसील स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग प्रतिशत में खसरों की जाँच का दायित्व सौंपा गया है। जिला स्तरीय अधिकारी आवंटित ग्रामों में 1 प्रतिशत, 5 अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अपने प्रभार क्षेत्र में 5 प्रतिशत, 19 तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार 10 प्रतिशत तथा 13 कृषि विस्तार अधिकारी और 23 राजस्व निरीक्षक 25-25 प्रतिशत खसरों का सत्यापन करेंगे। कलेक्टर ने सत्यापन कार्य समयबद्ध करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एसडीएम व राजस्व अमले को प्राथमिकता के साथ कार्य को पूर्ण करने निर्देश दिए अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही की बात कही।             
बैठक में राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में बताया गया कि जिले में राज्योत्सव का आयोजन 02 नवंबर को हाई स्कूल ग्राउंड में किया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है, जिसके तहत लखपति दीदियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविकामूलक गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियाँ भी लगाई जाएंगी। कलेक्टर ने कार्य विभाजन के अनुसार तैयारियों की क्रमवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार सिदार, श्री आर. एस. लाल, श्री बालेश्वर राम, श्री अभिषेक गुप्ता, सर्व एसडीएम व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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