
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का कुसमी क्षेत्र में कहर: तीन दिन की बारिश से नदी-नाले उफान पर, गलफुल्ला पुल क्षतिग्रस्त; कुसमी-जशपुर मार्ग बंद

पुल के ऊपर से घंटों बहता रहा बाढ़ का पानी, सड़क के दोनों ओर हुआ भारी कटाव; धान की कटी फसल पानी में डूबी, खेतों में खड़ी पकी फसल भी गिरी
लोकेशन: बलरामपुर / कुसमी।✍️संपादक जसीम खान ✍️
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड कुसमी क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी पुल-पुलियों के ऊपर से बहने लगा है। इसका सीधा असर सड़क आवागमन के साथ-साथ किसानों की आजीविका पर भी पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी कुसमी से जशपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर देखने को मिली, जहां गलफुल्ला नदी का पुल बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के ऊपर से घंटों तक तेज बहाव के साथ पानी बहता रहा। पानी उतरने के बाद पुल के दोनों ओर सड़क का कटाव होने से गहरी खाई बन गई, जिसके चलते इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश से खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल पानी में डूब गई है, जबकि खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल तेज हवा और बारिश के कारण जमीन पर गिरने लगी है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
गलफुल्ला पुल पर घंटों बहता रहा बाढ़ का पानी, कुसमी-जशपुर मार्ग बंद
लगातार बारिश के चलते कुसमी-जशपुर मुख्य मार्ग पर कुसमी सीमा से लगे गलफुल्ला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जो दोपहर करीब 3 बजे तक जारी रहा। इस दौरान पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
दोपहर बाद नदी का पानी पुल के नीचे उतर गया, लेकिन तेज बहाव के कारण पुल के दोनों ओर सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। सड़क के किनारे गहरी खाई बन जाने से मार्ग पर आवागमन करना बेहद खतरनाक हो गया। संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए देर शाम तक कुसमी-जशपुर मार्ग पर आवागमन बंद रहा।
10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर यात्री
गलफुल्ला पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण कुसमी से जशपुर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने के चलते लोगों को कटिमा होकर वैकल्पिक रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ गई है।
वहीं किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि कोई भी वाहन चालक या राहगीर क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरने का प्रयास न करे।
15 वर्षों से हर बारिश में सामने आती है पुल की समस्या, स्थायी समाधान का इंतजार
स्थानीय लोगों के अनुसार गलफुल्ला नदी का पुल पिछले करीब 15 वर्षों से बारिश के मौसम में बाढ़ और तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त होता रहा है। हर साल बरसात के दौरान इस मार्ग पर आवागमन बाधित होने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बताया जाता है कि बड़े पुल के निर्माण की जिम्मेदारी सेतु विभाग के अंतर्गत आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार होने वाली इस समस्या को देखते हुए अब अस्थायी मरम्मत के बजाय मजबूत और स्थायी पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि हर साल बारिश के मौसम में कुसमी-जशपुर मार्ग बंद होने की नौबत न आए।
लगातार बारिश से एक ओर जहां कुसमी-जशपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने गलफुल्ला पुल की समस्या का स्थायी समाधान कर मजबूत पुल निर्माण कराने की मांग की है। वहीं किसानों ने बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित राहत देने की मांग की है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग गलफुल्ला पुल की समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है

